ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...
झारखण्ड

कुदरत की मार! दियारा में बारिश और तूफान से रबी फसलें बर्बाद; खून के आंसू रो रहा किसान, सरकार से लगाई मुआवजे की गुहार

साहिबगंज: जिले में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा ने किसानों को गहरी चोट पहुंचाई है. जिले के दियारा इलाके में सैकड़ों एकड़ रबी फसल आंधी और बारिश से बर्बाद हो गई है. किसान लंबे समय से ऐसी आपदाओं से जूझते आ रहे हैं, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन की ओर से केवल सांत्वना के अलावा कोई ठोस मुआवजा नहीं मिल पाता, जिससे वे हर बार ठगा हुआ महसूस करते हैं.

बेमौसम बारिश ने मचाई तबाही

बीते दिनों रात में आई बेमौसम बारिश, आंधी और तूफान ने किसानों के लिए भारी तबाही मचाई. गंगा किनारे के क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का की फसल तेज हवाओं से गिरकर जमीन पर बिछ गई. इन पौधों में दाना बन चुका था और कुछ दिनों में पकने के बाद कटाई होनी थी, लेकिन आपदा ने फसल को पूरी तरह जवाब दे दिया. किसान अपनी फसल देखकर बेहद चिंतित हैं और अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं.

सदर प्रखंड के 11 पंचायतों में सबसे अधिक क्षति

सदर प्रखंड के 11 पंचायतों में भारी नुकसान हुआ है. इनमें गंगा प्रसाद पूर्व, किसन प्रसाद, रामपुर दियारा, लालबथानी उत्तर व दक्षिण, गंगा प्रसाद पूर्व मध्य, सकरीगाली और हाजीपुर दियारा प्रमुख हैं. मक्का के अलावा गेहूं और सरसों की फसलों को भी काफी क्षति पहुंची है.

किसानों ने मुआवजे की मांग की

स्थानीय किसानों ने बताया कि लालबथानी सरपंच टोला में ही 50 बीघा से अधिक मक्का फसल जमीन पर गिर गई. कटाई का समय नजदीक था, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खरीफ सीजन में मक्का डूब जाता है, जबकि रबी सीजन में ऐसी आपदा से फसल गिरकर बर्बाद हो जाती है. किसानों ने सरकार से हर संभव मदद और उचित मुआवजे की गुहार लगाई है.

जिला परिषद के उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि किसानों की बर्बाद फसल देखकर वे काफी दुखी और मर्माहत हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से मिलकर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने का आश्वासन दिया है. सुनील यादव ने बताया कि बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी मक्का फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया. फसल कुछ दिनों में कटकर घर पहुंचने वाली थी, लेकिन आपदा ने सब कुछ निगल लिया.

किसान अब जिला प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कोई अधिकारी आए और उनकी मेहनत का कुछ हिस्सा कम से कम मुआवजे के रूप में मिले. अभी तक किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारी द्वारा नुकसान का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे किसानों में गुस्सा और नाराजगी बढ़ रही है.

Related Articles

Back to top button