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झारखण्ड

DSPMU में 26 दिनों से जारी हड़ताल खत्म! मांगों पर झुका प्रशासन, कर्मचारियों और यूनिवर्सिटी के बीच बनी सहमति; अब पटरी पर लौटेगा कामकाज

रांचीः डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में एसीपी (Assured Career Progression) और एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से चल रही शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई. विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी गई है. हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है और सभी कर्मचारी सोमवार से नियमित रूप से अपने-अपने कार्यस्थल पर लौटकर काम करेंगे.

आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भुगतान

कर्मचारी संघ के अनुसार कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है. इनमें पहली मांग एसीपी/एमएसीपी के भुगतान से संबंधित थी. इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय की फाइनेंस कमेटी की बैठक में चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सोमवार को कर्मचारियों को एसीपी/एमएसीपी का भुगतान कर दिया जाएगा.

सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय

कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग अनुबंध कर्मियों की सेवा विस्तार से जुड़ी थी. पहले विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अनुबंध कर्मियों का सेवा विस्तार केवल तीन महीने के लिए किया गया था, जिससे कर्मचारियों में असंतोष था. अब इस अवधि को बढ़ाकर फिर से 11 महीने कर दिया गया है. दोनों प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारी संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया.

कर्मचारी संघ ने बताया कि नए कुलपति प्रोफेसर राजीव मनोहर की पहल और लगातार संवाद के कारण ही यह समाधान संभव हो पाया है. पिछले दो दिनों में कुलपति की ओर से लगातार प्रयास किए गए, जिसके बाद फाइनेंस कमेटी की बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लिया गया.

सभी कर्मचारी सोमवार से कार्य पर लौटेंगे

डीएसपीएमयू शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के सचिव रोहित सिंह ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर राजीव मनोहर के सकारात्मक प्रयास और पहल से कर्मचारियों की दोनों प्रमुख मांगों पर निर्णय लिया गया है. फाइनेंस कमेटी में एसीपी-एमएसीपी भुगतान को लेकर प्रस्ताव पारित हो चुका है और अनुबंध कर्मियों के सेवा विस्तार की अवधि भी बढ़ा दी गई है. इसके बाद कर्मचारी संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है और सभी कर्मचारी सोमवार से अपने कार्य पर लौटेंगे.

कर्मचारी संघ ने आभार व्यक्त किया

कर्मचारी संघ ने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया. संघ ने विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों को नैतिक समर्थन दिया. साथ ही छात्रों के सहयोग के लिए भी उनका विशेष आभार जताया गया.

मौके पर शैलेन्द्र कुमार, संतोष कुमार, महावीर मुंडा, मंगरु उरांव, उदय प्रसाद, मनोज कुमार, अजीत दत्त, कुमार आशुतोष, रतेन्द्र सिंह, अश्विनी, शिव बहादुर मुंडा, मो. अकील, मो. आसिफ, विजय गोप, किरण कंडुलना, सुनीता टोप्पो, शांति देवी, सुनीता शर्मा, अनुज उरांव, तारापद महतो और हितांशु पात्रो समेत बड़ी संख्या में शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद थे.

कर्मचारी संघ ने उम्मीद जताई कि भविष्य में विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी आपसी संवाद और सहयोग के साथ संस्थान के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे.

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