चंडीगढ़ PGI में शिक्षामित्र की मौत के बाद UP के शामली जिले में मचा हड़कंप, जानिए वजह

शामली\चंडीगढ़: चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती एक शिक्षामित्र की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हड़कंप मच गया। दरअसल पीजीआई में भर्ती शिक्षामित्र का कोराना टेस्ट कराया गया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। शामली जिलाधिकारी का दावा है कि रिपोर्ट में डॉक्टर शिक्षामित्र के पॉजिटिव या नेगेटिव होने की कोई सही पुष्टि नहीं कर पाए। सावधानी के तौर पर शामली में मृतक के 13 परिजनों को क्वॉरेंटाइन किया गया है। इस मामले में प्रशासन ने जिले के एक निजी अस्पताल में भी ओपीडी बंद कराते हुए डॉक्टर को होम क्वॉरेंटाइन किया है। बताया जा रहा है कि हालत बिगड़ने पर इस अस्पताल में भी शिक्षामित्र को भर्ती कराया गया था।
जानकारी मुताबिक मामला शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव डांगरौल का है। यहां का निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के रूप में तैनात था। बताया जा रहा है कि करीब 8 दिन पहले शिक्षामित्र की हालत बिगड़ने पर उन्हें शामली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस अस्पताल के बाद परिजन शिक्षामित्र को पहले मेरठ मेडिकल कॉलेज, फिर करनाल के एक निजी डॉक्टर और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए ले गए थे। पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान शिक्षामित्र की मौत हो गई। डीएम शामली के मुताबिक मौत से पहले शिक्षामित्र का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिसमें डॉक्टर उनके कोराना पॉजीटिव या नेगेटिव होने को लेकर दुविधा में पड़े हुए थे।
शामली जिले के डीएम का कहना है कि रिपोर्ट में कोराना पॉजिटिव या नेगेटिव होने की सही पुष्टि नहीं होने के बावजूद भी डॉक्टरों की टीम को मृतक के घर भेजकर परिजनों की सैंपलिंग कराई गई है। इसके साथ ही मृतक के परिवार के 13 लोगों को क्वॉरेंटाइन कर लिया गया है, जबकि परिवार के 3 सदस्य चंडीगढ़ में क्वॉरेंटाइन किए गए हैं, वहीं पर ही मृतक का अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है।
वहीं इस मामले के सामने आने के बाद शामली के उस निजी अस्पताल में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, जहां पर शिक्षामित्र को भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की ओपीडी बंद कराने के निर्देश देते हुए डॉक्टर की भी सैंपलिंग कराई। डॉक्टर को भी रिपोर्ट आने तक होम क्वॉरेंटाइन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मेरठ-करनाल में भी स्थानीय प्रशासन को मामले की सूचना दिए जाने की जानकारी मिली है।






