ब्रेकिंग
Bhopal Power Cut Today: भोपाल के 35 इलाकों में आज छाया रहेगा अंधेरा; जानें आपके क्षेत्र में कब तक रह... MP Crime News: मध्य प्रदेश में रेप के आरोपी ने की पीड़िता की हत्या; केस वापस न लेने पर जमानत पर बाहर... Patna Murder Case: अवैध संबंधों ने उजाड़ा घर! पटना में पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पति को उतारा मौत क... Bihar Crime News: बिहार में वारदातों को अंजाम देकर मलेशिया भाग जाता था जयराम, 24 संगीन मामलों के बाद... Dhamtari Crime News: धमतरी में बीच सड़क बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या; बाइक एक्सीडेंट और उधारी के विवाद... Railway Crime: ट्रेन में हथियारों की डिलीवरी करने आ रहे थे बदमाश; यात्रियों पर तानी पिस्टल, पुलिस ने... Pune Crime News: ‘भाई जल्दी घर आ जाओ, मैं मर रही हूं…’, पुणे में सिरफिरे प्रेमी ने घर में घुसकर प्रे... Delhi Terror Plot: दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम; आतंकियों के निशाने पर थे बड़े मंदिर और मशहू... Mysuru Mirror Wall: मैसूर में खुले में पेशाब करने वालों की अब खैर नहीं; सड़कों पर लगी 'शीशे वाली दीव... Jharkhand Politics: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की हेमंत सोरेन को बड़ी चेतावनी; बोले- "अब NDA में शामि...
देश

Rath Yatra Controversy: जगन्नाथ मंदिर और इस्कॉन के बीच क्यों ठनी? जानें रथ यात्रा की तारीखों को लेकर क्या है पूरा विवाद

ओडिशा स्थित पुरी जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने इस्कॉन की ओर से निर्धारित तिथियों में रथ यात्रा और स्नान यात्रा न आयोजित करने को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस्काॅन मनमाने तरीके से रथ यात्रा और स्नान यात्रा आयोजित करता है. सदियों पुरानी परंपरा का पालन नहीं करना श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहता करना है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने कहा कि इसकी जानकारी पीएम मोदी को भी दी गई है. अगर जरूत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा खड़खड़ाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गजपति महाराजा दिब्य सिंहदेव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई गई.

धार्मिक तिथियों के अनुरूप नहीं होती यात्रा

जगन्नाथ मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस्काॅन द्वारा रथ यात्रा और स्नान यात्रा को निर्धारित धार्मिक तिथियों के अनुरूप नहीं आयोजित किया जाता है. सिंहदेव ने कहा कि ऐसी प्रथाओं से भगवान जगन्नाथ के लाखों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं.

उन्होंने कहा कि हमने पीएम को अवगत कराया है कि कैसे दुनिया भर में निर्धारित कैलेंडर से हटकर रथ यात्राएं आयोजित करके सदियों पुरानी परंपराओं की अवहेलना की जा रही है. मंदिर प्रशासन ने कहा कि अगर मामला नहीं सलझा तो हम कोर्ट भी जा सकते हैं. कानूनी कार्रवाई करना हमारा अंतिम विकल्प हो सकता है.

इस्काॅन पर लगाए आरोप

सिंहदेव के अनुसार इस्काॅन ने अक्टूबर 2025 में यह आश्वासन दिया था कि वह वैश्विक स्तर पर निर्धारित कैलेंडर से हटकर स्नान यात्रा और भारत में रथ यात्रा आयोजित करने से परहेज करेगा, लेकिन उसने इसका पालन नहीं किया. देव और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में दावा किया गया कि इस्काॅन ने शास्त्रों के नियमों से हटकर 79 स्थानों पर निर्धारित कैलेंडर से हटकर रथ यात्राएं और 10 स्नान यात्राएं आयोजित कीं.

कब आयोजित होती है स्नान और रथ यात्रा?

देव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति भगवान के जन्मदिवस को कैसे बदल सकता है, जिसे ‘ज्येष्ठ पूर्णिमा’ के दिन स्नान यात्रा के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि शास्त्र के अनुसार रथ यात्रा ‘आषाढ़ शुक्ल द्वितीया’ को ही मनाई जाए, हालांकि इससे जुड़े अनुष्ठान सात दिनों की अवधि के भीतर किए जा सकते हैं.

इस बीच, मंदिर प्रशासन ने 2026-27 के लिए त्योहारों का कैलेंडर जारी किया, जिसकी शुरुआत 14 अप्रैल को ‘महाविषुव संक्रांति’ से होगी. साथ ही, उन्होंने दुनिया भर में मौजूद जगन्नाथ मंदिरों से अपील की है कि वह कम से कम मुख्य वार्षिक त्योहारों को निर्धारित तिथियों के अनुसार ही मनाएं.

Related Articles

Back to top button