Border Security News: घुसपैठ और तस्करी पर नकेल; अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी, जानें क्या है नई रणनीति

बीकानेर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IPB) की सुरक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती जिलों के लिए एक ‘360 डिग्री सिक्योरिटी मॉडल’ तैयार करना है, जिसमें सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
🏗️ अवैध निर्माण पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में हुए किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। शाह ने ऐसे सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें तुरंत ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि बिहार के सीमांचल में भी इसी तरह की कार्रवाई के बाद 1.22 लाख से अधिक अवैध निर्माण गिराए जा चुके हैं, जिसे अब अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी लागू किया जा रहा है।
🤝 सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा बल (BSF), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), CBDT और राज्य सरकार की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। घुसपैठ, नार्कोटिक्स तस्करी, आतंक वित्तपोषण और अतिक्रमण जैसे सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक एकीकृत रणनीति तैयार की गई है। साथ ही, सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों (DMs) की भूमिका को विस्तार देते हुए उन्हें वित्तीय गतिविधियों की निगरानी और तस्करी पर नियंत्रण की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
💻 साइबर अपराध और नए कानूनों का क्रियान्वयन
बैठक में साइबर सुरक्षा पर विशेष चर्चा हुई। गृह मंत्री ने 1930 साइबर हेल्पलाइन के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने और देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सरकार का मानना है कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रशासन और स्थानीय निवासियों के संयुक्त प्रयास से ही राष्ट्रीय सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सकता है। गुजरात, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और बिहार के बाद अब राजस्थान की सीमा पर भी सुरक्षा का यह नया ढांचा सक्रिय कर दिया गया है।






