TMC Leaders in Legal Trouble: ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ टिप्पणी को लेकर दर्ज हुई FIR

पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शीर्ष नेतृत्व की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। इन मामलों ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।
📢 अभिषेक बनर्जी पर ‘भड़काऊ टिप्पणी’ का आरोप
भवानीपुर निवासी अर्नबकांति दास ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि सांसद ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली टिप्पणियां की हैं। शिकायत में विशेष रूप से 2 मई को उनके द्वारा किए गए एक ट्वीट का उल्लेख है, जिसमें उन्होंने ‘बांग्ला-विरोधी गुजराती गैंग’ का जिक्र किया था। अभिषेक बनर्जी पर पहले भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने और चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयानों को लेकर आईपीसी और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
🗣️ ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी में शिकायत
वहीं, वकील रिंकी सिंह चटर्जी ने सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, ममता बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने एक विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने धर्म को लेकर विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया है।
⚠️ कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया
टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ दर्ज हुए इन मामलों के बाद से राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ये नेता समाज में नफरत फैला रहे हैं, वहीं टीएमसी समर्थकों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। कानूनी जानकारों के अनुसार, दर्ज की गई शिकायतों की जांच के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल, इन दोनों नेताओं की ओर से इन एफआईआर को लेकर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






