ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ...
पंजाब

Haryana NCR News: हरियाणा के NCR क्षेत्र में नहीं होगा कोई बदलाव; मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया बड़ा फैसला

चंडीगढ़: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की उच्च स्तरीय बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बड़ा नीतिगत निर्णय साझा किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट घोषणा की है कि हरियाणा के मौजूदा एनसीआर (NCR) क्षेत्र की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस बयान के साथ ही उन सभी चर्चाओं पर विराम लग गया है, जिनमें कुछ दूरदराज के जिलों को एनसीआर के दायरे से बाहर करने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

🚫 अटकलों पर लगा पूर्ण विराम

पिछले काफी समय से चर्चा थी कि दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर की सीमा के बाहर आने वाले हरियाणा के कुछ जिलों को एनसीआर से हटाया जा सकता है, ताकि वहां के निवासियों को निर्माण संबंधी कड़े नियमों और ग्रेप (GRAP) से राहत मिल सके। हालांकि, बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्तमान एनसीआर क्षेत्र यथावत रहेगा।

🏗️ इस फैसले के मुख्य प्रभाव

इस निर्णय के दूरगामी परिणाम होंगे, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • केंद्रीय फंड: एनसीआर का हिस्सा बने रहने से हरियाणा के सभी 14 जिलों को बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए केंद्रीय सहायता निरंतर मिलती रहेगी।

  • बड़ी परियोजनाएं: मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल (RRTS) जैसी परियोजनाओं को गति मिलेगी।

  • पर्यावरण नियम: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और ग्रेप के कड़े नियम, जैसे प्रदूषण के दौरान निर्माण कार्यों पर रोक और पुराने वाहनों पर पाबंदी, इन क्षेत्रों में पूर्व की भांति प्रभावी रहेंगे।

  • प्राकृतिक संरक्षण: अरावली पहाड़ियों और प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों (NCZ) के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बरकरार रहेगी।

Related Articles

Back to top button