ब्रेकिंग
Vat Savitri Vrat 2026: 16 मई को है वट सावित्री पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा Skin Care Tips: केले में मिलाकर लगा लें यह एक चीज, कांच जैसा चमकेगा चेहरा; महंगी फेशियल की होगी छुट्... Uttam Nagar Murder Case: तरुण हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी; 500 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा, होली के... Rahul Gandhi on BJP: 'भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोर'; राहुल गांधी के घुसपैठिया वाले बयान पर मचा सिया... Bengal Post-Poll Violence: नतीजों के बाद बंगाल में कोहराम; 400 से ज्यादा TMC दफ्तरों में तोड़फोड़, ह... MP Madarsa Board: मदरसा बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू; यहाँ देखें आखिरी तारीख औ... Dhar Crime: धार में सनसनी; सुबह पुरुष और शाम को संदिग्ध हालत में मिला महिला का शव, प्रेम प्रसंग की आ... Dhar News: धार में भीषण गर्मी का सितम; गर्म जमीन पर बैठकर शादी की दावत खाने को मजबूर पूरा गांव, तस्व... मुख्यमंत्री मोहन यादव की बहन का आकस्मिक निधन; उज्जैन में शोक की लहर MP Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश में जल्द हटेगा तबादला बैन; CM मोहन यादव की घोषणा, इस महीने से श...
टेक्नोलॉजी

TikTok के राइवलरी देसी ऐप Mitron का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन, जानें

नई दिल्ली। पिछले सप्ताह शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप के तौर पर लॉन्च हुए Mitron ऐप को 50 लाख यूजर्स ने देखते ही देखते डाउनलोड कर लिया। इसे TikTok के राइवलरी देशी शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप के तौर पर काफी प्रमोट किया गया। चीनी ऐप होने की वजह से TikTok के खिलाफ यूजर्स द्वारा पिछले कई दिनों से चलाए जाने वाले मुहिम की वजह से भी Mitron ऐप को लोगों ने काफी डाउनलोड किया और चर्चा में भी बनी रही। लेकिन इस देशी शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप Mitron के बारे में एक खुलासा हुआ है जिसमें ये पता चला है कि इसका पाकिस्तानी ऐप TicTic से लिंक है।

इस खुलासे में ये बात सामने निकलकर आई है कि अगर कोई भी $34 (लगभग 2,500 रुपये) खर्च करके इस ऐप का सोर्स कोड खरीद सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी 277 यूजर्स ने इस ऐप का सोर्स कोड खरीद लिया है जो कि CodeCayon प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इन्हीं रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि Mitron ऐप कोई देसी शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप नहीं है बल्कि पाकिस्तानी ऐप TicTic का क्लोन वर्जन है। जैसे ही, Mitron ऐप भारत में चर्चा में आई पाकिस्तानी डेवलपर्स QBoxus ने भारतीय रिपोर्ट्स को ट्विटर के माध्यम से संपर्क किया और क्लेम किया कि TicTic के सोर्स कोड का इस्तेमाल करके इस ऐप को डेवलप किया गया है, जिसे $34 (लगभग 2,571 रुपये) में CodeCrayon प्लेटफॉर्म से खरीदा गया है।

इसके बाद कई इन्फोर्मेशन सिक्युरिटी रिसर्चर्स ने दोनों ऐप्स के API और कोड की जांच की तो पता चला कि दोनों ही ऐप्स के API एक जैसे ही हैं जो कि अलग-अलग सर्वर से होस्ट किए जा रहे हैं। जिससे ये बात साफ है कि इस देसी शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप Mitron को QBoxus के सोर्स कोड का इस्तेमाल करके ही डेवलप किया गया है। QBoxus की टीम के मुताबिक, उनका बिजनेस मॉडल लोकप्रिय ऐप्स को क्लोन करके इसके सोर्स कोड को सस्ती कीमत में उपलब्ध कराना है। उन्होंने ये भी दावा किया कि TicTic के सोर्स कोड के 277 कॉपी उन्होंने क्लोन करके बेचे हैं। ऐसे में Mitron को भारतीय शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप कहना गलता होगा।

अब Mitron ऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स कि प्राइवेसी पर भी सवाल उठना लाज्मी है। Google Play Store पर Mitron ऐप के प्राइवेसी पेज पर अगर आप क्लिक करेंगे तो आपको ये एक ऐसे वेबपेज पर रीडायरेक्ट करता है जहां प्राइवेसी पॉलिसी अनप्रोफेशनल तरीके से लिखा गया है। हालांकि, Mitron ऐप के डेवलपर्स की तरफ से इस ऐप के प्राइवेसी के बारे में फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। न ही उन्होंने अपने ऐप के पाकिस्तानी ऐप से लिंक होने के बारे में कुछ भी कहा है।

Related Articles

Back to top button