SIR 2026 Jharkhand: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन सख्त, विशेष कैंप लगाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन

राज्य में इन दिनों चल रहे एसआईआर (SIR) के तहत दावा और आपत्तियों की प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर-2026 के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य के सभी मतदान केंद्रों के ‘नो मैपिंग’ और विभिन्न विसंगतियों से संबंधित बूथवार डेटा पेनड्राइव के माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराया गया।
📋 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दिए गए निर्देश, बीएलए के माध्यम से सुनिश्चित हो सहभागिता
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे नो-मैपिंग सूची को समय पर अपने बीएलए (BLA) और बीएलए-2 के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर इनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मतदाता सूची का एक मजबूत और त्रुटिरहित ‘कंक्रीट ऑडिट’ किया जा सके और किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को समय रहते दूर किया जा सके।
🔍 विसंगतियों और नोटिस वाले मतदाताओं की बूथवार सूची साझा, विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सभी मतदान केंद्रों के उन मतदाताओं की बूथवार सूची साझा की गई है, जिन्हें विभिन्न विसंगतियों या पिछले एसआईआर से जुड़े नो-मैपिंग मामलों के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से कई मतदाताओं ने ईआरओ (ERO) स्तर पर आयोजित सुनवाई के दौरान अपने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं। हालांकि, कुछ ऐसे मतदाता भी हैं जिनका नाम साल 2024 की मतदाता सूची में शामिल था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा है, लेकिन नोटिस की सुनवाई के दौरान वे किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके थे। ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर विशेष आउटरीच कार्यक्रम और विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
👥 विशेष परिस्थितियों वाले मतदाताओं पर रहेगा खास फोकस, किसी भी पात्र नागरिक का नाम न छूटे
के. रवि कुमार ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि विशेष रूप से पीवीटीजी (PVTG), दिव्यांगजनों, जनजातीय समूहों, वृद्ध मतदाताओं और ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य के किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ना एसआईआर-2026 का मुख्य लक्ष्य है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है।
🤝 राजनीतिक दलों से अपील: मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में प्रशासन का करें सहयोग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने स्तर से भी ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान करने में मदद करें और उन्हें आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दें। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार के अलावा कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP), आम आदमी पार्टी (AAP) समेत अन्य सभी प्रमुख मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





