ब्रेकिंग
भिलाई नगर निगम चुनाव में परिवार से कोई नहीं लड़ेगा चुनाव, देवेंद्र यादव का स्पष्ट ऐलान Balod Acid Attack Case: बालोद एसिड अटैक मामले में बड़ा खुलासा, भिलाई की दुकान से खरीदा गया था तेजाब Indore Water Crisis Meeting: इंदौर में जल संकट पर बुलाई गई बैठक से गायब रहे कई विधायक, बीजेपी नेताओं... MP Ashirwad Ka Diya Scam: प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम पर उठे सवाल, कांग्रेस ने 6 घंटे ... Sagar Illegal Plotting Action: सागर में अवैध प्लॉटिंग करने वाले 12 कॉलोनाइजरों पर बड़ी कार्रवाई, कले... MP Metrology Rules Update: नाप-तौल के लाइसेंस लोक सेवा गारंटी से बाहर, 30 दिन की समय-सीमा खत्म Madhya Pradesh Power Crisis: मध्य प्रदेश में गहराया बिजली संकट, मांग और आपूर्ति में 4000 मेगावाट से ... Morena Fake Fertilizer Raid: मुरैना में नकली डीएपी खाद बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश, 500 बोरी नकल... Shahdol Ahilya Bai Weaver Fair: शहडोल में देवी अहिल्याबाई बुनकर मेला समाप्त, चंदेरी-महेश्वरी साड़ियो... Rewa BJP Politics: रीवा के त्योंथर में बीजेपी नेताओं की आपसी खींचतान आई सामने, लोकार्पण कार्यक्रम मे...
झारखण्ड

Hemant Soren Nemra Visit: माता रूपी सोरेन के निधन के बाद पैतृक गांव में पारंपरिक रस्में निभा रहे हैं सीएम हेमंत सोरेन

रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के निधन के बाद अपने पैतृक गांव नेमरा में पूरी तरह से पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व का एक बेहद भावुक, संवेदनशील और पारिवारिक पक्ष लोगों के सामने आया है। माँ के निधन के बाद नेमरा में शोक और गहरे पारिवारिक संस्कारों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तमाम पारंपरिक रस्मों को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। सुबह उठकर दातुन करना, पानी और भोजन परोसने जैसी पुरानी परंपराओं का निर्वहन करना केवल एक धार्मिक या पारिवारिक प्रक्रिया मात्र नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कारों और मातृ-स्मृतियों से जुड़े रहने का एक गहरा भाव भी है। इस कठिन और शोक के समय में मुख्यमंत्री कई मौकों पर काफी भावुक भी नजर आ रहे हैं।

🤝 दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी हैं कल्पना सोरेन

इस कठिन समय में मुख्यमंत्री की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी पूरी मजबूती के साथ परिवार के साथ खड़ी हैं। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि पारिवारिक एकजुटता और दुख की इस घड़ी में वे एक-दूसरे का सबसे बड़ा सहारा बन रहे हैं। सार्वजनिक जीवन की तमाम व्यस्तताओं के बीच इस दंपती का यह पारिवारिक और संवेदनशील पक्ष लोगों को यह एहसास कराता है कि चाहे पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, अपनों के बीच रिश्तों, संस्कारों और भावनाओं का महत्व कभी कम नहीं होता।

🏡 मिट्टी से जुड़ाव और बड़ी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अपने पैतृक गांव नेमरा में रहकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच समय बिताना उनके बेहद सरल स्वभाव और अपनी माटी से गहरे जुड़ाव की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। एक तरफ जहाँ वह मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद पर रहते हुए अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ माँ के निधन के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों का भी पूरी तन्मयता से निर्वहन कर रहे हैं। यह संतुलन उनके मजबूत व्यक्तित्व और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाता है।

Related Articles

Back to top button