Ludhiana Crime News: मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अकाउंटेंट ने लगाई फांसी, पीछे छोड़ गया बुजुर्ग माता-पिता और 16 साल की बेटी

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले से एक अत्यंत दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ फोकल प्वाइंट फेज-2 स्थित ‘मैग्नाकोर सी-39’ नामक फैक्टरी में बतौर अकाउंटेंट सेवाएं दे रहे 47 वर्षीय व्यक्ति ने कथित मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बुजुर्ग पिता ने फैक्टरी मालिक और उसके बेटे पर 12 लाख रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर झूठा दबाव बनाने और गंभीर मानसिक यातना देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस वीभत्स घटना के बाद मृतक अपने पीछे रोते-बिलखते बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और एक 16 साल की मासूम बेटी को छोड़ गया है। पीड़ित पिता की शिकायत पर थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
31 अक्टूबर को घर के कमरे में मिला शव, फंदे से लटके मिलने के बाद परिवार में मचा कोहराम और दी गई पुलिस को सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आत्महत्या करने वाले 47 वर्षीय व्यक्ति की पहचान सुदेश कुमार भाटिया के रूप में हुई है, जो काफी लंबे समय से फोकल प्वाइंट फेज-2 की उक्त फैक्टरी में अकाउंट्स का पूरा कामकाज संभाल रहे थे। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में मृतक के 70 वर्षीय पिता अजीत कुमार भाटिया ने बताया कि गत 31 अक्टूबर को सुदेश ने अपने घर के एक कमरे में चुन्नी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जब परिवार के सदस्यों ने कमरे के भीतर जाकर देखा, तो सुदेश का शव पंखे से लटका हुआ मिला। इस खौफनाक मंजर को देखकर घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत पुलिस को इस अनहोनी की सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया।
मालिक के बेटे पर पैसों की हेराफेरी का आरोप, सुदेश को बलि का बकरा बनाकर 12 लाख की भरपाई का बनाया जा रहा था दबाव
शोक में डूबे पिता अजीत कुमार भाटिया ने फैक्टरी मालिक सुनील गोयल और उसके बेटे संजय गोयल को सीधे तौर पर अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि फैक्टरी मालिक का बेटा संजय गोयल स्वयं पैसों को इधर-उधर करने का काम करता था और वह अक्सर सुदेश से कहता था कि फर्म के पैसे अपने किसी परिचित के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया करो। पिता का आरोप है कि जब यह अवैध रूप से घुमाई गई रकम बढ़कर लगभग 12 लाख रुपये तक पहुंच गई, तो मालिक और उसके बेटे ने सारा ठीकरा और जिम्मेदारी सुदेश के सिर पर फोड़नी शुरू कर दी। दोनों पिता-पुत्र सुदेश पर लगातार 12 लाख रुपये की भरपाई करने का दबाव बना रहे थे और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देकर उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ चुके थे। इसी असहनीय मानसिक दबाव और जिल्लत के कारण सुदेश ने यह खौफनाक कदम उठाया।
परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा था सुदेश, 16 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
विलाप करते हुए बुजुर्ग पिता ने बताया कि उनकी अपनी उम्र 70 वर्ष हो चुकी है और पूरा परिवार पूरी तरह से सुदेश की ही कमाई पर निर्भर था। मृतक अपने पीछे अपनी पत्नी और एक 16 साल की जवान बेटी को छोड़ गया है। घर के एकमात्र ब्रेडविनर (कमाने वाले सदस्य) की इस अचानक और tragic मौत के बाद पूरा परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है और उन पर दुखों का भारी पहाड़ टूट पड़ा है। शोकाकुल परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत दर्ज हुआ मुकदमा, पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश में की जा रही है लगातार दबिश
थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने मृतक के पिता अजीत कुमार भाटिया के बयानों को आधार बनाते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई की है और फैक्टरी मालिक सुनील गोयल तथा उसके बेटे संजय गोयल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और फैक्टरी से जुड़े अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है, तथा नामजद पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।





