Janjgir Champa Patwari Strike Action: जांजगीर-चांपा में पटवारियों की हड़ताल पर प्रशासन का कड़ा रुख, 141 पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पीवी (PV) एप के विरोध में पिछले 18 दिनों से लगातार जारी राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद अब जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। काम पर न लौटने वाले हड़ताली पटवारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी और शिकंजा कसने वाली प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
141 पटवारियों को थमाया गया ब्रेक इन सर्विस का नोटिस, जिला अध्यक्ष और एक अन्य पटवारी को किया गया निलंबित
जिला प्रशासन की ओर से कड़ा कदम उठाते हुए जिले के कुल 141 पटवारियों को ‘ब्रेक इन सर्विस’ (Break in Service) का औपचारिक नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही, राजस्व पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव और पटवारी ज्योतिष कुमार सर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन के इस कड़े आदेश के सामने आने के बाद से राजस्व पटवारी संघ में भारी आक्रोश फैल गया है, और संघ ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रशासन द्वारा भेजे गए सर्विस ब्रेक नोटिस की प्रतियों को सार्वजनिक रूप से जलाने का खुला ऐलान कर दिया है।
जिले में कुल 156 पटवारी हैं पदस्थ, बार-बार चेतावनी के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर की गई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले में कुल 156 पटवारी पदस्थ हैं, जो बीते 13 अक्टूबर से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। शासकीय कार्यों से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें बार-बार वापस काम पर लौटने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से केवल 15 पटवारी ही वापस अपने काम पर लौटे हैं, जिनमें 13 परिवीक्षाधीन पटवारी और 2 ऐसे पटवारी शामिल हैं जो इस हड़ताल में शामिल ही नहीं हुए थे। शेष हड़ताली पटवारियों के अडियल रवैये को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
शिवरीनारायण और जांजगीर के एसडीएम ने की निलंबन की कार्रवाई, सरकारी कामकाज ठप होने का दिया हवाला
जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण और जांजगीर के अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) ने अपने-अपने क्षेत्रों के दो पटवारियों को निलंबित किया है। निलंबन का मुख्य कारण कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहना बताया गया है। शिवरीनारायण एसडीएम द्वारा हल्का नंबर 13 के पटवारी एवं संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, क्योंकि उनकी लंबी अनुपस्थिति के कारण नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती, अभिलेख दुरुस्ती, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फसल गिरदावरी और धान खरीदी जैसे अति-महत्वपूर्ण शासकीय काम पूरी तरह से ठप हो गए थे। पूर्व में कारण बताओ नोटिस दिए जाने के बावजूद उनके रवैये में कोई सुधार न दिखने पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
आपराधिक मामले और आचरण की वजह से भी गिरी गाज, जांजगीर एसडीएम ने की ज्योतिष कुमार सर्वे पर कार्रवाई
दूसरी ओर, जांजगीर के एसडीएम द्वारा पटवारी ज्योतिष कुमार सर्वे के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। उनके विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जांजगीर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत वर्ष 2025 में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। एक शासकीय सेवक के पद पर रहते हुए ऐसे आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने और राजकीय पद की गरिमा को धूमिल करने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई से बैकफुट पर नहीं आ रहे पटवारी, संघ ने राज्य स्थापना दिवस पर नोटिस की प्रतियां जलाने का किया ऐलान
जिला प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई और नोटिस जारी करने के निर्णय को राजस्व पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने अपने तथा साथी पटवारी पर हुई निलंबन की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संघ का कहना है कि प्रशासन द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, लेकिन इसका उनके आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए संघ ने सोमवार को आंदोलन स्थल पर ही जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करने का खुला ऐलान किया है।






