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BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली से लगाई गई गुहार, बिहार के युवा क्रिकेटरों को मिले इंसाफ

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने बीसीसीआइ के शीर्ष परिषद के सदस्यों से मांग की है कि वह बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) पर ही चर्चा की जानकारी उपलब्ध कराए। आदित्य ने मेल लिखकर कहा है कि वह कई बार बीसीसीआइ अधिकारियों को बीसीए में चल रहे अनियमित्ताओं के बारे में कई पत्र भेज चुके हैं, लेकिन बिहार के युवा क्रिकेटरों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है।

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि इसके पीछे क्या कारण हो सकता है। प्रशासकों की समिति के कार्यकाल में बीसीसीआइ ने बीसीए को 10.80 करोड़ रुपये की मदद की थी, जिससे बिहार क्रिकेट का उत्थान हो सके, लेकिन यह पूरा पैसा अलग ही कार्यो में इस्तेमाल किया गया।

2019-20 सत्र में जो जूनियर और सीनियर पुरुष, महिला क्रिकेटर बोर्ड ट्रॉफी खेले उन्हें अभी तक टीए, डीए और मैच फीस बीसीए द्वारा नहीं दी गई है। वह भी ऐसे समय में जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस की वजह से पैसों की तंगी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वह बिहार क्रिकेट के लिए इंसाफ चाहते हैं।

हाल ही में वर्मा ने मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता द्वारा ज्योतिरादित्य सिंधिया और संजय जगदाले को भेजे गए मेल की जांच कराए जाने की मांग की थी। गुप्ता ने स्वीकार किया कि उन्हें कई लोग ने ड्राफ्ट मेल के लिए कहा था।

आइपीएल के याचिकाकर्ता को लगता है कि बोर्ड को इस मामले की जांच करनी चाहिए। वर्मा ने कहा कि यह न केवल एमपीसीए में गुप्ता के मेल को लेकर है, बल्कि उन मेल के बारे में भी है जो कि गुप्ता ने मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों को लेकर किया है।

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