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हिंदू नए वर्ष पर आज द्वार पर जलाएंगे दीप और छत पर फहराएंगे ध्वज

रायपुर।हिंदू संवत्सर यानी नया साल 13 अप्रैल को चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा। कोरोना के चलते इस बार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्य अपने घरों पर दीप प्रज्ज्वलित करेंगे और छत पर ध्वजा फहराएंगे। परिषद के घनश्याम शर्मा एवं धवल शाह ने सभी से द्वार पर 11 दीप प्रज्ज्वलन की अपील की है।

ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार चैत्र प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नौका को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। प्रलयकाल समाप्त होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई।

सतयुग का प्रारंभ भी इसी दिन हुआ था। राजा विक्रमादित्य ने इसी तिथि से हिंदू संवत्सर, पंचांग का शुभारंभ किया था। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक, युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ था। ईरान देश में इस तिथि पर ‘नौरोज’ यानी ‘नया वर्ष’ मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश में यह पर्व ‘उगादिनाम’ से मनाया जाता है।

उगादिका अर्थ होता है युग का प्रारंभ, अथवा ब्रह्मा की सृष्टि रचना का पहला दिन। इसी तरह इस दिन को जम्मू-कश्मीर में ‘नवरेह’, पंजाब में वैशाखी, महाराष्ट्र में ‘गुडीपड़वा’, सिंध में चेट्रीचंड, केरल में ‘विशु’, असम में ‘रोंगली बिहू’ आदि के रूप में मनाया जाता है।

चित्रा नक्षत्र के कारण चैत्र माह

अमावस्या के पश्चात चंद्रमा जब मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रकट होकर प्रतिदिन एक-एक कला बढ़ता हुआ 15वें दिन चित्रा नक्षत्र में पूर्णता को प्राप्त करता है, तब वह मास ‘चित्रा’ नक्षत्र के कारण चैत्र के नाम से जाना जाता है।

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