खतरनाक मोड़ पर अफगानिस्तान, प्रांतीय राजधानियों पर कब्जे की कोशिश में तालिबान, भीषण लड़ाई में 385 आतंकी ढेर

काबुल। अफगानिस्तान में कई मोर्चों पर सुरक्षा बलों की तालिबान आतंकियों से भीषण लड़ाई जारी है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया है कि बीते 24 घंटे में 385 तालिबान आतंकी मारे गए हैं जबकि 210 घायल हुए हैं। वहीं देश के संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि डेबोरा लियोन का कहना है कि युद्ध के नए चरण में प्रवेश करने से अफगानिस्तान एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान आतंकी उत्तरी अफगानिस्तान के जावजान प्रांत की राजधानी शेबरघन में दाखिल हो चुके हैं। शेबरघन में कई मोर्चों पर अफगान सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच भारी लड़ाई जारी है।
एक और प्रांतीय राजधानी पर कब्जा
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान आतंकियों ने शुक्रवार को काबुल में हमला करके सरकारी मीडिया केंद्र के निदेशक की हत्या कर दी। तालिबान आतंकी छोटे प्रशासनिक जिलों को अपने नियंत्रण में लेने के बाद अब प्रांतीय राजधानियों को नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहे हैं। इस कड़ी में तालिबान आतंकियों ने शुक्रवार को दक्षिणी निमरूज प्रांत की राजधानी जरंज पर कब्जा कर लिया। वहीं सरकार का कहना है कि जरंज में कई मोर्चों पर लड़ाई अब भी जारी है। प्रांत के गवर्नर अब्दुल करीम बरहावी जरंज से भागकर बुर्जक जिले में शरण लेने पहुंचे हैं।
खतरनाक मोड़ पर अफगानिस्तान
वहीं अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की दूत डेबोरा लियोन्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विशेष बैठक में शुक्रवार को कहा कि लड़ाई में आम लोग भी मारे जा रहे हैं जो चिंताजनक है। मौजूदा वक्त में अफगानिस्तान एक खतरनाक मोड़ पर है। ग्रामीण इलाकों पर कब्जा करने करने के बाद तालिबान आतंकियों ने बड़े शहरों पर हमला करना शुरू कर दिया है। कंधार, हेरात और हेलमंद की प्रांतीय राजधानियां दबाव में आ गई हैं। तालिबान आतंकियों के हमले के चलते आम लोग पलायन को मजबूर हैं।
अमेरिका और ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी
अमेरिका ने अपने नागरिकों को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान छोड़ने के लिए कहा है। प्रसाशन का कहना है कि अफगानिस्तान में अमेरिकी नागरिकों की मदद करने की दूतावास की क्षमता बेहद सीमित है। ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अफगानिस्तान छोड़ दें। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अफगानिस्तान में हालात अभी और खराब हो सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक तालिबान ने लश्करगाह और शेबर्गन शहर पर भारी हमले किए हैं।
सुरक्षा परिषद को फैसला करने का वक्त
इस बीच भारत ने अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा है कि क्षेत्र में आतंकवादियों की पनाहगाह को फौरन नष्ट किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि अफगानिस्तान का अतीत उसका भविष्य नहीं हो सकता है। वक्त आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हिंसा पर फौरन रोक लगाने के लिए कार्रवाई पर विचार करे। क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को नष्ट करके दहशतगर्दों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अफगानिस्तान का इस्तेमाल आतंकी समूह किसी अन्य देश पर हमले के लिए नहीं कर पाएं।






