ब्रेकिंग
सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क... रूढ़ियों को तोड़ा: बुरहानपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी ने मां को दी मुखाग्नि, पति के सपोर्ट से निभ... उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण माह में बना नया कीर्तिमान: पहली बार 1.57 करोड़ से अधिक भक्तों ने किए ... सतना-चित्रकूट में बाढ़ का विकराल रूप: मंदाकिनी नदी उफान पर, चारों तरफ से संपर्क टूटा; NDRF व SDERF क... एम्स भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का महा-विस्तार: नवंबर से रोबोटिक सर्जरी, ₹7500 में PET-CT और फेफड़... खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तब...
देश

सिम्स में मैमोग्राफी समेत चार महत्वपूर्ण मशीन खराब

बिलासपुर। सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। एक साथ चार महत्वपूर्ण चिकित्सकीय मशीन खराब हैं। इससे मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी इस बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहे है। मौजूदा स्थिति में मैमोग्रामी, लिथोट्रिप्सी, एंडोस्कोपी और डेंटल एक्सरे मशीन देखरेख के अभाव में बंद पड़ गई है।

मैमोग्राफी मशीन का उपयोग महिलाओं के स्तन में गठान व स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस मशीन के बंद होने से सिम्स में महिलाओं के स्तन कैंसर की पहचान ही नहीं हो पा रही है। इसी तरह लिथोट्रिप्सी मशीन भी खराब चल रहा है। जिस मशीन के माध्यम से पथरी का इलाज किया जाता है। सर्जरी के दौरान इसी मशीन के माध्यम से पथरी को तोड़ा जाता है। इसी तरह डेंटल विभाग में डेंटल एक्सरे नहीं हो सक रहा है, क्योंकि यह मशीन भी पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही है।

इसी तरत पेट का अल्सर जानने में उपयोग आने वाली एंडोस्कोपी मशीन भी खराब हो गई है। साफ है कि अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। आलम यह है कि उपचार के लिए पहुंचने वाले हर मरीज को यहां पर किसी न किसी प्रकार से समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खराब होने के बाद भी अब तक इन मशीनों को बनवाने के लिए इंजीनियरों तक से संपर्क नहीं किया गया है।

साफ है कि कोई भी अधिकारी इन मशीनों को बनवाने का पहल नहीं कर रहा है। इससे संभाग की सबसे बड़े अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है और रोजाना सैकड़ों लोग उपचार से वंचित हो रहे है।

Related Articles

Back to top button