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बटुकों का उपनयन सनातनी धर्म का सबसे पवित्र संस्कार

बिलासपुर। भैरव बाबा जयंती के अवसर पर रतनपुर भैरव बाबा मंदिर परिसर में 125 बटुकों का उपनयन संस्कार किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा.सीवी रमन महाविद्यालय के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने कहा बटुकों का उपनयन सनातनी धर्म का सबसे पवित्र संस्कार है। उन्होंने इस संबंध में विस्तार से बताया।
उन्होंने कार्यक्रम को विप्र समाज के लिए अनुकरणीय कार्यक्रम कहा। मंदिर के प्रबंधक पं. जागेश्वर अवस्थी ने कहा कि कि यह महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। कार्यक्रम में नवीन शिक्षक संघ जांजगीर-चांपा के जिला अध्यक्ष अनुभव तिवारी ने कहा कि इस पुनित कार्य के माध्यम से ही विप्र बटुक सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ते हुए आचार्यत्व का संस्कार ग्रहण कर रहे हैं जो अनुकरणीय हैै। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम सनातन धर्म के सभी नियमों के अनुरूप हो रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में महामाया मंदिर के ट्रस्टी संतोष शुक्ला ने कहा कि भैरव मंदिर प्रांगण में हो रहे जनेउ संस्कार का कार्यक्रम नगर में सबसे सफल कार्यक्रम में से एक रहा है। सभी बटुकों को वेदों के अनुरूप आचार्यों ने शिक्षा-दीक्षा देकर ब्राह्मणत्व के रूप मे जनेउ संस्कार की शिक्षा दी है।
कार्यक्रम मे जांजगीर से रामकुमार शर्मा ,राकेश तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष शर्मा ने किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उपनयन संस्कार के आचार्य पं. राजेंद्र दुबे , माहेश्वर पांडेय, कान्हा तिवारी ,दीपक अवस्थी, ओंकर अवस्थी ,रवि तंबोली सहित मंदिर के पुजारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे हुए थे।






