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देश के सबसे बड़े NTPC विंध्याचल में जिप्सम का उत्पादन शुरू, पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

सिंगरौली: देश के सबसे बड़े थर्मल पावर प्लांट NTPC विंध्याचल ने जिप्सम का उत्पादन शुरू कर दिया है। ये ऐसा थर्मल पावर प्लांट है जो सल्फर डाईआक्साइड को वायुमंडल में ना छोड़ कर जिप्सम तैयार कर रहा है। वातावरण शुद्धता की ओर एक और पहल विंध्याचल में देश के पहले एफजीडी प्लांट की इकॉनमी में थर्मल पावर प्लांट का राष्ट्र के विशालतम विद्युत संयंत्र होने के नाते एनटीपीसी-विध्यांचल की विशेष भूमिका है। इसकी कुल उत्पादन क्षमता 4760 मेगावाट है, जिसके लिए प्रतिदिन कोयला की खपत 70 हजार प्रति टन है। एनटीपीसी-विंध्याचलशुरू से ही पर्यावरण के लिए सजग रही है।

CPC के जरिये ऑनलाइन निगरानी प्रणाली की व्यवस्था के बाद स्टेज-V की 500 मेगावाट की यूनिट के लिए मार्च 2017 में विशेष रूप से स्थापित एफजीडी यानि फ्लू गैस डीसल्फराइजेसन संयंत्र लगाया गया है। इसके साथ दक्षता और स्वच्छ तकनीक को अपग्रेड किया गया है। इस एफजीडी प्लांट से सौ फीसदी सल्फर का शुद्धिकरण किया जा रहा है। इस सयंत्र के माध्यम से फ्लू गैस का शुद्धिकरण कर जिप्सम तैयार किया जाता है, जिससे संयंत्र परिक्षेत्र और आस-पास के वातावरण को संरक्षित एवं संतुलित करने में मदद मिलती है औ आस-पास के लोगों का स्वास्थ्य भी अनुकूल रहता है।

गौरतलब है कि ये संयंत्र देश का पहला 100% क्षमता का एफजीडी संयंत्र है, जिसे स्थापित करने में 210 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस एफ़जीडी प्लांट की दक्षता को देखकर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कड़े मानदंडों को मद्देनजर रखते हुए एनटीपीसी विंध्याचल स्टेज-1 स्टेज से IV के सभी यूनिट के लिए भी एफजीडी प्लांट स्थापित कर रही है, जिसका काम दिसंबर 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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