ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
देश

रक्षा मंत्री का पद संभालने से पहले राजनाथ ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, तीनों सेना प्रमुख मौजूद

नई दिल्लीः  नव नियुक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारकर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राजनाथ को आज अपराह्न में रक्षा मंत्री का कार्यभार संभालना है। इसके पहले वह सुबह आठ बजे इंडिया गेट के निकट बने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए।बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे।
PunjabKesari

इसके बाद सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शहीदों की विभिन्न दीर्घाओं को देखा और अधिकारियों के साथ युद्ध स्मारक से संबंधित विषयों पर बातचीत की। सिंह भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पिछली सरकार में गृह मंत्री थे और नई सरकार में उन्हें रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वह उत्तर प्रदेश की लखनऊ संसदीय सीट से चुनाव जीत कर संसद पहुंचे हैं।
राजनाथ सिंह के समक्ष ढेरों चुनौतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण चुनौती तीनों सेवाओं के आधुनिकीकरण के काम में तेजी लाना है। उनके लिए अन्य बड़ी चुनौती चीन के साथ लगी सीमाओं पर शांति बनाए रखने की है। वह रक्षा मंत्री का पद्भार ऐसे समय संभाल रहे हैं जबकि भारत ने तीन महीने पहले पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमला किया और माना जा रहा है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत इसी नीति पर आगे भी चलेगा। राजनाथ सिंह को सरकार के पहले कार्यकाल में भी टॉप चार मंत्रियों में जगह मिली थी। वह सरकार के पहले कार्यकाल में गृह मंत्री थे। वह 70 के दशक से ही संघ से जुड़े हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का करीबी माना जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button