ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह... भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, बिहार सरकार का बड़ा फैसला 'हम सरकार को पागल कर देंगे'— रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर ...
देश

सबरीमाला मंदिर विवादः पुनर्विचार याचिकाओं पर 7 जजों की संवैधानिक बेंच करेगी सुनवाई

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर अब बड़ी बेंच सुनवाई करेगी। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं को 7 जजों की संवैधानिक बेंच के पास भेज दिया है। इस पर जनवरी 2020 में सुनवाई होगी। हालांकि अभी जजों के नाम सामने नहीं आए हैं।
PunjabKesari
उच्चतम न्यायालय रजिस्ट्री ने केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों से चार सेट पेपरबुक दाखिल करने का शनिवार को निर्देश जारी किया। सुप्रीम कोटर् रजिस्ट्री की ओर से आज जारी नोटिस में सभी संबद्ध पक्षों को पेपरबुक के चार सम्पूर्ण सेट उसे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

उच्चतम न्यायालय के सहायक रजिस्ट्रार की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, ‘‘ज्ञात हो कि सभी पुनरीक्षण याचिकाएं जनवरी, 2020 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।” नोटिस में कहा गया है, ‘‘चूंकि न्यायालय के 14 दिसम्बर 2019 के आदेशानुसार, ये पुनर्विचार याचिकाएं वृहद पीठ के सुपुर्द कर दी गयी है, इसलिए सभी (याचिकाकर्ताओं) से संबंधित याचिकाओं के पेपरबुक के चार सम्पूर्ण सेट यथाशीघ्र दाखिल किये जाने का आग्रह किया जाता है।”

गौरतलब है कि गत 14 नवम्बर को उच्चतम न्यायालय ने मंदिरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश सहित विभिन्न संवैधानिक बिंदुओं को वृहद पीठ को सुपुर्द करने का निर्णय लिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button