ब्रेकिंग
Namo Bharat News: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत की 10 अतिरिक्त ट्रिप्स; अब और भी आसान होगा सफर Border Security News: घुसपैठ और तस्करी पर नकेल; अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी,... Modi Govt 12 Years: मोदी सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे; भाजपा मनाएगी भव्य जश्न, 2047 का रोडमैप होग... Ayushman Bharat Delhi: दिल्ली में 7.72 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी; 10 लाख तक का मिल रहा कैशले... Annapurna Bhandar Update: लक्ष्मी भंडार में गड़बड़ियों का दावा; बंगाल सरकार ने शुरू की नई स्कीम, जून स... TMC Leaders in Legal Trouble: ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ टिप्पणी को लेकर ... Action Against Bhojpuri Singer: सम्राट चौधरी पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा; पटना साइबर पुलिस ने गायक चु... CAT Stay on DGHS Chief Transfer: दिल्ली DGHS प्रमुख डॉ. वत्सला अग्रवाल के तबादले पर CAT की रोक; सरका... Supreme Court Verdict: एसआईआर की संवैधानिक वैधता पर कोर्ट का फैसला; अभिषेक मनु सिंघवी बोले- 'चुनाव आ... Lucknow Gangrape Case: यूपीएससी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार आरोपितों पर 25-25 हजार का ...
धार्मिक

हाथी पर सवार होकर आदिशक्ति सुख-समृद्धि व खुशहाली लेकर आयेंगी

ग्वालियर: अक्टूबर माह के मध्य में पितरों की विदाई के साथ ही नवदुर्गा का आगमन होगा। आदिशाक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र 15 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। शारदीय नवरात्र में इस वर्ष देवी के नौ स्वरूपों क आराधना होगी। इस वर्ष शरदीय नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रही है और आदिशक्ति का आगमन हाथी पर होगा। और प्रस्था मुर्गा पर होगा। देवी का आगमन और विदाई दोनों शुभ और फलदायी है।

ज्योतिषाचार्य डा सतीश सोनी ने बताया कि नवरात्रि में मां के 9 स्वरूपों की आराधना से होगी। शक्ति और सामर्थ की प्राप्ति नौ दिनों का होगा नवरात्र, 15 अक्टूबर से होगी। शुरुआत शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा नौ दिनों तक भक्तों पर अपना आशीष बरसाएंगी। भक्तों को शक्ति की आराधना के लिए इस बार पूरे 9 दिन मिलेंगे। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है। और माता का आगमन हाथी पर हो रहा है। और प्रस्थान मुर्गा पर होगा। माता का आगमन और प्रस्थान दोनों ही शुभदायक है। ग्रह गोचर गणना से इस दिन सूर्य, बुध का कन्या राशि में गोचर रहेगा। जो बुध आदित्य योग का निर्माण करेगा। जो भक्तों में पराक्रम, प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए साधना के लिए विशेष लाभ प्राप्त प्रदान करेगा।

कलश स्थापना

रविवार सुबह 11:40 से दोपहर 12:30 तक कलश स्थापना का सबसे अच्छा मुहूर्त रहेगा। कलश स्थापना चित्रा नक्षत्र एवं बेधृति योग के संयोग में होगी। स्थापना के बाद दुर्गा सप्तसती पाठ रामचरितमानस पाठ, राम रक्षा स्त्रोत पाठ, दुर्गा सहस्त्रनाम पाठ आरंभ होंगे। नवरात्रि 15 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक रहेंगे। 22 तारीख को महाष्टमी 23 को महानवमी के साथ 24 अक्टूबर को विजयदशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। माता की हाथी की सवारी सुख समृद्धि और ज्ञान की प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में मां दुर्गा पृथ्वी के लिए सुख समृद्धि और खुशहाली लेकर आएंगी। नवरात्रि के लिए शहर भर में तैयारी हुई। शुरू नवरात्रि को लेकर शहर भर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शहर से लेकर गांव तक पूजा पंडालों के निर्माण के साथ ही मूर्तियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। शहर में एक तरफ ऊंची ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी। वहीं दूसरी तरफ थीम आधारित पंडालों के निर्माण पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button