ब्रेकिंग
Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र... जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव का बड़ा दावा: 'अगर सुभाष चंद्र बोस के हाथ में होती कांग्रेस की कमान, तो क... Gwalior News: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश; मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर 2 ल... Mandala Crime: शादीशुदा प्रेमिका के घर पिस्टल लेकर घुसा सनकी आशिक, दुष्कर्म के बाद पुलिस की गाड़ी को... टी20 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी! नागपुर में जीत के बाद भी क्यों डरे हुए हैं भारतीय फैंस? फील्डिं... Gaza Peace Deal: हमास छोड़ेगा हथियार और लड़ेगा चुनाव! अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील, फिलिस्तीन की ...
विदेश

नासा ने शेयर की समुद्र में सक्रिय ज्वालामुखी की अनोखी तस्वीर, अब तक 20 से अधिक हुए विस्फोट

नई दिल्ली। अंतरिक्ष, आकाशगंगा, महासागर और कई चीजों के बारे में जिज्ञासा को जानकर नासा ने कई चीजों को प्रकाश में लाया है। ऐसा ही एक नया रहस्य अंतरिक्ष एजेंसी ने उजागर किया है। जहां नासा ने अंटार्कटिक महाद्वीप में डिसेप्शन आइलैंड की एक अविश्वसनीय फोटो शेयर की है। हैरानी की बात यह है कि यह दुनिया का एकमात्र ज्वालामुखी है। जिसे तक पहुंचा भी जा सकता है। नासा ने इस ज्वालामुखी की तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की है। वहीं, इसके कैप्शन में बेहद दिलचस्प जानकारी दी है।

सक्रिय ज्वालामुखी के नीचे जा सकते हैं

समुद्र के नीले पानी से घिरे डिसेप्शन आईलैंड (Deception Island) की फोटो है। इस द्वीप पर छोटो पहाड़ हैं। कुछ पहाड़ों पर बर्फ है। यहां नीचे से सीधे द्वीप तक पहुंचा जा सकता है। नासा द्वारा शेयर की गई फोटो में ज्वालामुखी का ऊपरी हिस्सा साफ दिखाई दे रहा है। अंटार्कटिक में दो एक्टिव ज्वालामुखी डिसेप्शन आइलैंड पर बताए जा रहे हैं। 19वीं शताब्दी के बाद ये यह ज्वालामुखी 20 से अधिक बार फट चुका है।

हर साल आते हैं हजारों पर्यटक

समुद्र में सक्रिय रहने वाला यह ज्वालामुखी पर्यटकों के लिए आकर्षण का विषय रहा है। यहां हर साल हजारों में पर्यटक आते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ये यह ज्वालामुखी है। यह द्वीप कई लोगों की निगाहों में आ गया। उस समय इसका इस्तेमाल द्वीप व्हेल और सील के शिकार के लिए किया जाता था। कई शोधकर्ता इस क्षेत्र में आ चुके हैं। विभिन्न विषयों पर शोध कर चुके हैं।

Related Articles

Back to top button