ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...
मध्यप्रदेश

साइबर क्राइम पुलिस ने दो शातिर ठग पकड़े, खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताकर करते थे ठगी..

भोपाल। मध्य प्रदेश की साइबर क्राइम पुलिस ने दो शातिर ठगों को पकड़ा है। यह ठग खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर सरकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल करते थे, दोनों आरोपी ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर पैसे लिया करते थे। दोनों आरोपी सरकारी कर्मचारियों को एमपी सरकार के लोगो वाले फर्जी ट्रांसफर आर्डर भेजते थे और बाद में ऑर्डर रद्द करने की पेशकश करते थे। यह आरोपी सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर गूगल से निकालकर खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर उनसे बात करते थे।

यह आरोपी अधिकारियों को फोन लगाकर ट्रांसफर होने की बात कहते थे और शासन की ओर से जारी की गई लिस्ट भी भेज दिया करते थे और ट्रांसफर रुकवाने का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में उनसे रुपए वसूलते थे। भोपाल की टीम इस पर कार्रवाई कर मैदानी स्तर पर जुट गई और ठगी करने वाले दो आरोपियों को निवाड़ी जिले से आरोपी सौरभ और हरबल को गिरफ्तार कर लिया है आरोपियों के पास से पुलिस को दो मोबाइल और दो सिम कार्ड भी मिले हैं इसके जरिए वह अधिकारियों से ठगी करते थे।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह 6 सरकारी कर्मचारियों को चूना लगा चुके हैं और 20 लाख रुपए की अभी तक ठगी कर चुके हैं। सरकारी कर्मचारियों को आरोपियों पर शक ना हो इसलिए वह हमेशा व्हाट्सएप पर मध्य प्रदेश शासन के लोगो की डीपी लगाया करते थे और व्हाट्सएप पर एक फर्जी लिस्ट अधिकारियों को भेजते थे। ठगी कर पैसा लेने के लिए आरोपी गांव के आसपास मनी ट्रांसफर वालों के खाते में राशि डलवाते थे।

Related Articles

Back to top button