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CM को पिछलग्गू नहीं देखना चाहता, मुझे पसंद हैं 2014 के नीतीश: प्रशांत किशोर

पटनाः जदयू से निकाले जाने के बाद पहली बार पटना पहुंचे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पिछलग्गू की तरह नीतीश को नहीं चाहता था, मुझे 2014 के नीतीश पसंद हैं। वहीं जदयू के निष्कासन पर पीके ने कहा कि नीतीश जी के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। मेरे मन में उनके लिए अपार सम्मान है। मैं उनके फैसले पर सवाल नहीं उठाऊंगा।

प्रशांत किशोर की बड़ी बातेंः-

  • नीतीश कुमार से मेरा सिर्फ राजनीतिक संबंध नहीं है
  • नीतीश कुमार से मुझे पिता जैसा प्यार मिला
  • नीतीश जी ने मुझे बेटे जैसा रखा, जदयू से निकाले जाने का मैं स्वागत करता हूं
  • नीतीश से हमारे वैचारिक मतभेद
  • गांधी जी के साथ खरे लोग गोडसे के साथ खरा हो सकते हैं?
  • गांधी और गोडसे दोनों एक साथ नहीं चल सकते हैं
  • भाजपा की शर्तों पर क्यों दबे नीतीश?
  • नीतीश का भाजपा और जदयू से कोई नया संबंध नहीं है
  • मेरे लिए 2014 वाले नीतीश ज्यादा सम्मानीय हैं, नीतीश जी के लिए आदर बना रहेगा
  • 2004 से आज तक जदयू का रुतबा घटा
  • राजनीति में थोड़ा बहुत समझौता करना पड़ता है
  • विकास के मानकों पर बिहार पिछड़ा है
  • बिहार की स्थिति 2005 जैसी, शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधरी
  • 2004 में बिहार की शान थे नीतीश
  • नीतीश बताएं अगले 10 साल क्या करेंगे
  • पिछलग्गू नेतृत्व से विकास नहीं होगा
  • मैं गठबंधन बनाने नहीं आया हूं
  • गठबंधन बनाकर नीतीश को हराने नहीं आया
  • मैं आखिरी सांस तक बिहार के लिए रहूंगा

    पीके ने कहा कि जब तक जीवित हूं, बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित हूं। बिहार के गांव-गांव से नए लड़कों के नए जोश को जोड़कर उन्हें खड़ा करूंगा। चुनाव लड़ना, लड़ाना, जितवाना और हराना ये तो रोज करता हूं। मेरा जो प्रयास है वो लंबे समय के लिए है। 20 फरवरी से “बात बिहार की” कार्यक्रम शुरू करने जा रहा हूं, इसमें युवाओं की नई खेप पैदा करूंगा। बिहार के 10 हजार युवाओं को जोड़ने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि साल में नीतीश कुमार 200 अच्छे एमएलए नहीं बना पाए, मैं कोई नया राजनीतिक गठबंधन नही बनाऊंगा।

    नीतीश जी ने अपने 15 साल में कुछ नहीं किया। आपना सबकुछ बर्बाद कर दिया। आपने बस जो भी किया सब दिखावा किया, सब नौटंकी। आपने 15 साल में बिहार को बर्बाद कर दिया। मैं डेटा के साथ बोल रहा हूं कि अगर आप या कोई समझदार आपके पार्टी में है तो आइए डिबेट कीजिए। ट्विटर और फेसबुक किसी का अधिकार नहीं है, कोई गुजराती या गुजरात का अधिकार नहीं है। बिहार को कोई कैसे अलग कर सकता है।

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