ब्रेकिंग
छतरपुर: उद्घाटन से पहले ही केन नदी पर बने पुल में पड़ी दरारें, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल इंदौर से भोपाल तक कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान यात्रा': जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना, शुरू की ... शहडोल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल: 108 एंबुलेंस के इंतजार में महिला की मौत, रास्ते में दिया ब... श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा का सुरीला अंदाज: सावन सांस्कृतिक संध्या में लाइव सिंगिंग ने जीता लोगों क... सीधी: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जिला अभियोजन अधिकारी, लोकायुक्त टीम को देख सड़क पर फेंके नोट रतलाम: खेत सीमांकन विवाद से परेशान किसान चढ़ा पानी की टंकी पर, 'शोले' के वीरू जैसा दिखा नजारा Ujjain News: स्कूल कैंपस से निकले छात्र और तालाब में डूबे, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही ... Jabalpur News: बरसाती नालों और खेतों में निकल रहे मगरमच्छ, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने लोगों को दी सतर्क ... Weather Update: दिल्ली में बारिश पर ब्रेक, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट इंदौर मर्डर केस: सहायक डाक अधीक्षक उर्मिला सैनी की हत्या के 48 घंटे बाद भी आरोपी पति फरार, परिजनों क...
देश

कोरोना वायरस: SC ने देश के सभी राज्यों के जेल महानिदेशकों को भेजा नोटिस

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस महामारी के परिप्रेक्ष्य में देश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने और उनमें सुविधाओं का सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में जेल महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किए। न्यायालय ने इन सभी को 20 मार्च तक यह बताने का निर्देश दिया है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे इस मामले में शीर्ष अदालत की मदद के लिए 23 मार्च को एक एक अधिकारी तैनात करें। शीर्ष अदालत ने कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने और इनमें उपलब्ध सुविधाओं के मामले का स्वत: संज्ञान लेने के कारणों को भी बताया जाएगा। न्यायालय ने देश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का एक जगह होना बड़ी समस्या है और यह कोरोना वायरस फैलने का बड़ा कारण हो सकती है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुये हमें कुछ दिशा निर्देश तैयार करने होंगे। यहीं नहीं, कोरोना वायरस के मद्देनजर जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने के मामले में भी दिशा निर्देश जारी करने की आवश्यकता है। न्यायालय ने कहा कि कुछ राज्यों ने महामारी कोविड-19 के मद्देनजर कदम उठाए हैं लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी ही हैं जिन्होंने उचित उपाय नहीं किए हैं।

Related Articles

Back to top button