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मध्यप्रदेश

Government Update: जनगणना ड्यूटी से नदारद 289 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, FIR दर्ज करने का आदेश जारी

Indore News | मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘जनगणना-2027’ (Census 2027) के प्रथम चरण के तहत शुरू हुए मकान सूचीकरण कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त चाबुक चलाया है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में इस राष्ट्रीय महत्व के सर्वे कार्य से नदारद रहने वाले करीब 289 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।

कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी (Quick Facts)

विवरण जानकारी
अभियान जनगणना-2027 (प्रथम चरण – मकान सूचीकरण)
स्थान इंदौर नगर निगम सीमा क्षेत्र
लापरवाह कर्मचारी 289 अधिकारी एवं कर्मचारी नदारद
कार्रवाई किसने की? क्षितिज सिंघल (निगमायुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी)
चेतावनी विभागीय जांच और जनगणना अधिनियम के तहत FIR

लापरवाही पर सख्त एक्शन: निगमायुक्त ने दिया अल्टीमेटम

निगमायुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल ने अनुपस्थित पाए गए सभी 289 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर अनिवार्य रूप से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और तुरंत कार्य पर उपस्थित होने के सख्त निर्देश दिए हैं।

  • FIR की चेतावनी: नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या कर्मचारी अनुपस्थित रहे, तो उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। इसके साथ ही जनगणना अधिनियम के तहत पुलिस में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

इंदौर में कितने बड़े पैमाने पर चल रहा है सर्वे?

इंदौर नगर निगम क्षेत्र में जनगणना का यह प्रथम चरण व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। घर-घर जाकर सर्वे करने के इस अभियान का दायरा कुछ इस प्रकार है:

  • जोन और वार्ड: शहर के 22 जोन के कुल 85 वार्डों में यह काम चल रहा है।

  • ब्लॉक: सर्वे के लिए 3,865 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं।

  • मकान और जनसंख्या: प्रत्येक गणना ब्लॉक में औसतन 200 मकान या करीब 700 से 800 लोगों की जनसंख्या शामिल की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रगणक इंदौर के लगभग 8 लाख मकानों तक पहुंचेंगे।

सर्वे में पूछे जा रहे हैं ये 33 महत्वपूर्ण बिंदु

जनगणना के इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर 33 प्रकार की विस्तृत जानकारियां एकत्रित कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • मकान की संरचना (दीवार, छत और फर्श की स्थिति)

  • परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति

  • पेयजल स्रोत और शौचालय की सुविधा

  • ईंधन का उपयोग, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति

  • मोबाइल नंबर और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता

प्रशासन का कड़ा संदेश: इंदौर प्रशासन ने अपनी इस कार्रवाई से स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जिसमें जनगणना प्रक्रिया को समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाना है।

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