ब्रेकिंग
Raipur Missing Persons Case: रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता, सेंट्रल जोन में अभियान चलाकर 50 में से 39 ग... राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विशेष, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का छत्तीसगढ़ से रहा है गहरा ऐतिह... Chhattisgarh School Bag Weight Limit: छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों के भारी बस्तों पर बाल संरक्षण आयोग... Balrampur Checkdam Corruption Action: बलरामपुर में चेकडैम निर्माण में धांधली पर कलेक्टर चंदन त्रिपाठ... Bastar Cyclone Damage Report: बस्तर में 'अर्नब' चक्रवाती तूफान का कहर, दो दिनों की भारी बारिश और तेज... Balrampur News Update: हाई स्कूल मैदान में 2 नवंबर को होगा भव्य आयोजन, सांसद चिंतामणि महाराज करेंगे ... Indore Unique Petrol Pump Owner: इंदौर के इस पेट्रोल पंप पर पिछले 20 सालों से गूंज रहा है रामचरितमान... Bhopal Ijtema 2026 Preparations: ईंटखेड़ी में 4 से 7 दिसंबर तक होने वाले इज्तिमा की तैयारियां तेज, क... Shahdol Drone Didi Success Story: शहडोल की किसान महिलाओं ने बदली खेती की तस्वीर, ड्रोन उड़ाकर और मशी... Faggan Singh Kulaste Statement: फग्गन सिंह कुलस्ते का दिग्विजय सिंह पर तंज, बोले— 'विकास की बात मत क...
टेक्नोलॉजी

AI Talent Gap in India: भारत में AI और मशीन लर्निंग प्रोफेशनल्स की भारी किल्लत; 10% से ज्यादा पद खाली

नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन रैंडस्टैड डिजिटल की एक ताजा रिपोर्ट ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI सॉल्यूशंस लीड के 10.3% और मशीन लर्निंग इंजीनियर के 11.2% पद अभी भी रिक्त पड़े हैं। एचआर कंसल्टिंग की भाषा में, यदि किसी क्षेत्र में 10% से ज्यादा नौकरियां खाली हों, तो इसे ‘टैलेंट की गंभीर कमी’ माना जाता है।

🌍 वैश्विक स्तर पर AI विशेषज्ञों की चुनौती

यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका में AI सॉल्यूशंस लीड के 27% और ब्रिटेन में 18% पद खाली हैं। जापान की स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण है, जहां AI इंजीनियरों के 46.8% पद अभी तक नहीं भरे जा सके हैं। इससे स्पष्ट है कि दुनिया भर की कंपनियां एडवांस AI टैलेंट के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

📈 भारत: AI जॉब्स का दूसरा सबसे बड़ा बाजार

वर्तमान में दुनिया की कुल AI टेक्नोलॉजी नौकरियों में से 29% अमेरिका में और 20.5% भारत में हैं। रैंडस्टैड डिजिटल इंडिया के एमडी मिलिंद शाह के अनुसार, भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन ‘एडवांस्ड AI स्किल्स’ वाले प्रोफेशनल्स की संख्या उद्योग की मांग के अनुरूप नहीं है। यही कारण है कि कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में अब पहले से दोगुना समय लग रहा है। जहां चार साल पहले एक AI मैनेजर की भर्ती 25 दिनों में हो जाती थी, वहीं अब इसमें औसतन 53 दिन लग रहे हैं।

🚀 AI स्किल्स की बढ़ती मांग

कंपनियां अब AI को केवल प्रयोग के तौर पर नहीं, बल्कि अपने मुख्य कारोबार का हिस्सा बना रही हैं। इसी का परिणाम है कि 2021 की तुलना में 2026 की शुरुआत तक भारत में AI-सक्षम डेवलपर्स की मांग में 660% का रिकॉर्ड उछाल आया है।

Related Articles

Back to top button