ब्रेकिंग
Fatehpur Crime News: फतेहपुर में प्रेमी की हत्या कर आरी-ग्राइंडर से काटे शव के टुकड़े; पति-पत्नी ने ... Maharashtra MLC Election: महायुति में सीट बंटवारे के बाद बगावत के सुर; अब्दुल सत्तार समेत कई नेता ना... Purnia Fraud Case: 18 साल पहले खोया बेटा बनकर घर लौटा 'ठग साधु'; लाखों रुपये ऐंठकर हुआ फरार, जानें प... D-Company Terror Module Busted: दाऊद के करीबी मुन्ना झिगाड़ा का भारत में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़; ... CM Yogi in Bijnor: सूर्या चौहान हत्याकांड पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान; बोले- 'दोस्ती की आड़ में... Muzaffarpur Crime News: कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की गोलियों से भूनकर हत्या; आइकॉन टावर में गैंगवार ... Fire at SPA Delhi: शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस में नहीं, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) में लगी... Surya Chauhan Murder Case: गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकांड के आरोपी के घर पर चला प्रशासन का ... Iran-Kuwait Conflict: सीजफायर के बीच ईरान का कुवैत पर बड़ा हमला; अमेरिकी बेस बने निशाने, जानें क्यों... Ghaziabad Murder Case: सूर्या चौहान हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा; मामूली बाइक विवाद नहीं, 'प्रेम प्...
देश

114 दिनों में दस लाख लोगों की मौत! दुनियाभर में 20 लाख के पार पहुंचा कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा

नई दिल्‍ली। पूरी दुनिया में जानलेवा कोरोना वायरस से हुई मौतों का आंकड़ा 20 लाख को पार कर गया है। इन मौतों पर यूएन प्रमुख एंटोनिया गुटारेस ने अपनी संवेदनाए प्रकट करते हुए दुनिया से अपील की है कि वो एकजुट होकर इसका सामना करें। अपनी भावुक अपील में उन्‍होंने कहा कि जिन परिजनों ने अपनों को इस जानलेवा महामारी की वजह से खोया है उनका स्‍थान हमेशा के लिए रिक्‍त हो गया है। उसको हम कभी नहीं भर सकेंगे। लेकिन हम उन लोगों को मौत के मुंह में जाने से जरूर बचा सकते हैं जिनपर इसका संकट है। इसके लिए पूरी दुनिया को एकजुट होकर काम करना होगा। लोगों का जीवन बचाने के लिए सरकारों को तेजी से काम करना होगा। वैक्‍सीन को लेकर सभी को सजग होना होगा और सरकारों को इसकी पहुंच को आसान बनाना होगा। सरकारों को वैक्‍सीन को लेकर फैल रही अफवाहों को रोकने पर भी तेजी से काम करने की जरूरत होगी।

बेहद मुश्किल दौर

संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुताबिक इस जानलेवा वायरस से संक्रमण के मामले दुनिया के 191 देशों में सामने आए हैं। दिसंबर 2019 में पहली बार चीन के वुहान शहर में इसका पहला मामला सामने आया था। इसके बाद जनवरी 2020 के अंत में इसके कई देशों में मामले सामने आए। मार्च के अंत तक ये पूरी दुनिया में फैल गया और दुनिया को लॉकडाउन का सामना करना पड़ा था। इस महामारी ने विश्‍व की आर्थिक तरक्‍की के मार्गों को बाधित किया। दुनियाभर में करोड़ों लोग इसकी वजह से बेरोजगार हो गए। लाखों लोगों को इसकी वजह से भुखमरी का शिकार होना पड़ा।

114 दिनों में 10 लाख की मौत

वर्ल्‍ड ओ मीटर के आंकड़ों के मुताबिक 25 सितंबर 2020 में इसकी वजह से हुई मौतों का आंकड़ा 10 लाख तक पहुंच गया था। वहीं, महज अगले तीन माह में ही इससे होने वाली मौतों के आंकड़े में जबरदस्‍त उछाल दर्ज किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि 114 दिनों में ही इसकी वजह से 10 लाख लोगों की मौत हुई है।

ऐसा है दुनिया में मौतों का आंकड़ा

वहीं रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में अब तक इसकी वजह से 2,012,869 लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप इससे सबसे अधिक प्रभावित रहा है। यहां पर अब तक 622,628 लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे हैं। वहीं इसके बाद उत्‍तरी अमेरिका का नंबर आता है जहां पर कोरोना वायरस से अब तक 409,894 लोगों की जान गई है। इसके बाद लेटिन अमेरिका में 545,819, एशिया में 229,762, मध्‍य पूर्व में 125,905, अफ्रीका में 77,790 और ओशियाना में 1,071 लोग अब तक इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे हैं। वहीं इसकी चपेट में आकर जान गंवाने वाले टॉप-5 देशों की बात करें तो इसमें 392,153 कुल मौतों के साथ अमेरिका सबसे ऊपर है। इसके बाद ब्राजील है जहां पर अब तक 208,246 लोगों की मौत हो चुकी है। तीसरे नंबर पर भारत (152,093 मौत), चौथे नंबर पर 139,022 (139,022 मौत) और पांचवें नंबर पर ब्रिटेन (88,590 मौत) है।

दिखानी होगी एकजुटता

यूएन प्रमुख ने पूरी दुनिया में इस महामारी की वजह से लगातार बढ़ते मौतों आंकड़ों पर चिंता जताने के साथ-साथ इसपर भी चिंता व्‍यक्‍त की कि अमीर देशों के मुकाबले गरीब देशों में इसकी वैक्‍सीन देरी से और कम मात्रा में पहुंच रही है। उन्‍होंने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो दुनिया इस महामारी से उबर नहीं पाएगी। इसलिए जरूरी है कि इन देशों और यहां पर रहने वाले लोगों का भी ध्‍यान रखा जाए। इन्‍हें भी वैक्‍सीन की इतनी ही जरूरत है जितनी किसी और को है। कोई भी एक देश इसको हराने की क्षमता नहीं रखता है। गुटारेस ने कहा कि कोई भी देश जरूरत से अधिक वैक्‍सीन खरीद कर या रखकर अन्‍य देशों के लोगों का नुकसान न करे। उन्‍होंने वैक्‍सीन के रखरखाव के लिए जरूरी उपकरण के साथ-साथ धन मुहैया करवाने और गरीब देशों में वैक्‍सीन उपलब्‍धत करवाने की अपनी प्राथमिकता को दोहराया है। अपने संदेश में उन्‍होंने कहा है कि हम इस वायरस को केवल एक ही सूरत में हराकर आगे निकल सकते हैं- एकजुटता दिखाकर।

Related Articles

Back to top button