तालिबान ने अफगानिस्तान के ईरानी सीमा से सटे सबसे बड़े व्यापारिक इलाके पर जमाया कब्जा

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान अपने मंसूबों की ओर तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान छोड़ने की घोषणा होने के बाद से तालिबान तेजी से देश के कई इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तालिबान ने गुरुवार को ईरान के साथ लगने वाली एक और महत्वपूर्ण अफगान सीमा पार कर ली है। अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के बाद ये तालिबान के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।
हालांकि, तालिबान के राजनीतिक कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि समूह ने अफगानिस्तान में सैन्य रूप से सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कभी नहीं की है। रूस की समाचार एजेंसी टीएएसएस के मुताबिक, अफगानिस्तान से विदेशी सेनाओं की वापसी शुरू हो चुकी है। अमेरिका ने 20 साल बाद अपनी सेना को यहां से वापस बुलाया है। वहीं, ब्रिटिश सेना की वापसी भी जारी है और काफी हद तक सैनिक वापस आ चुके हैं। अमेरिका का कहना है कि अगस्त तक सभी सैनिक स्वदेश लौट जाएंगे। इस बीच कुछ देशों ने अफगानिस्तान से अपने दूतावास बंद करने का फैसला किया है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी यकीनन अमेरिकी फौज के जाने और तालिबान के बढ़ते हमलों से चिंतित होंगे। इस बीच गनी ने मंगलवार को कहा कि तालिबान अगले 100 वर्षों में भी अफगान सरकार को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर नहीं कर सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि तालिबान और उसके समर्थक देश में वर्तमान रक्तपात और विनाश के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं।






