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पीएम मोदी ने गिनाईं 75 दिन की उपलब्धियां, किसानों से लेकर कश्मीर तक किया काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक न्यूज एजेंसी को अपने दूसरे कार्यकाल की 75 दिन की उपलब्धियां बताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका 75 दिन का कामकाज शानदार रहा। आईएएनएश को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ‘स्पष्ट नीति, सही दिशा’ पर चल रही है और किसान से कश्मीर तक सबके लिए काम किया गया है।

पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करते हुए विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा कि हमने अब तक जो कुछ हासिल किया है। वो ‘स्पष्ट नीति, सही दिशा’ दिशा का परिणाम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि शुरूआती 75 दिनों में हमारी सरकार में काफी कुछ हुआ है। बच्चों की सुरक्षा से लेकर चंद्रयान-2 तक, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्त कराना तक शामिल है।

अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 75वें दिन आइएएनएस के साथ मुस्कराते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने विवादास्पद अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को जिस व्यवस्थित और निर्बाध तरीके से सफलतापूर्वक हटाया, उससे न केवल पाकिस्तान की आंकें चौधियां गईं, बल्कि भौचक्क-सा रह गया। आमतौर पर प्रत्येक सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड शासन के शुरूआती 100 दिनों पर सामने रखती है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार 75 दिनों पर ही अपना रिपोर्ट कार्ड सामने पेश किया। आईएएनएस ने प्रधानमंत्री से बातचीत की शुरूआत कुछ इस प्रकार की कि आखिर उनका दूसरा कार्यकाल किस तरह से अलग है?

75 दिनों में ढेर सारा काम हुआ
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधा-सा जवाब दिया, ‘हमने अपनी सरकार बनने के चंद दिनों के भीतर ही एक अभूतपूर्व रफ्तार तय कर दी। हमने जो हासिल किया है, वह ‘स्पष्ट नीति, सही दिशा’ का परिणाम है। हमारी सरकार के प्रथम 75 दिनों में ही ढेर सारी चीजें हुई हैं. बच्चों की सुरक्षा से लेकर चंद्रयान-2, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी बुराई से मुक्ति दिलाना, कश्मीर से लेकर किसान तक हमने वह सब कुछ कर के दिखाया है, जो एक स्पष्ट बहुमत वाली दृढ़संकल्पित सरकार हासिल कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने जल आपूर्ति सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के एकीकृत दृष्टिकोण और एक मिशन मोड के लिए जलशक्ति मंत्रालय के गठन के साथ हमारे समय के सर्वाधिक जरूरी मुद्दे को सुलझाने के साथ शुरुआत की।

संसद की मजबूती से हुआ इतना कामकाज
क्या इस तेज रफ्तार की वजह पहले कार्यकाल से अधिक बहुमत के साथ सत्ता में लौटना तो नहीं है? क्या वह इस बात को लेकर सजग हैं कि जिन लोगों ने उन्हें इतना बड़ा बहुमत दिया है, उन्हें एक संदेश देना आवश्यक है कि अगले पांच साल में क्या होने वाला है? प्रधानमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया और कहा, ‘एक तरह से, सरकार की जिस तरह जोरदार तरीके से सत्ता में वापसी हुई है, उसका भी यह परिणाम है। हमने इन 75 दिनों में जो हासिल किया है, वह उस मजबूत बुनियाद का परिणाम भी है, जिसे हमने पिछले पांच साल के कार्यकाल में बनाए थे। पिछले पांच सालों में किए गए सैकड़ों सुधारों की वजह से देश आज इस गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार है, इसमें जनता की आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं। यह सिर्फ सरकार के कारण नहीं, बल्कि संसद में मजबूती की वजह से भी हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आईएएनएस से साक्षात्कार में कहा कि 17वीं लोकसभा के प्रथम सत्र ने रिकॉर्ड बनाया है। यह 1952 से लेकर अब तक का सबसे फलदायी सत्र रहा है। मेरी नजर में यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, बल्कि बेहतरी का एक ऐतिहासिक मोड़ है, जिसने संसद को जनता की जरूरतों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाया है।

उन्होंने कहा, ‘कई ऐतिहासिक पहल शुरू की गई, जिसमें किसानों और व्यापारियों के लिए पेंशन योजना, मेडिकल सेक्टर का रिफॉर्म, दिवाला एवं दिवालियापन संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन, श्रम सुधार की शुरुआत। मैं लगातार आगे बढ़ता रहा। कोई समय की बर्बादी नहीं, कोई लंबा सोच-विचार नहीं, बल्कि कार्यान्वयन और साहसी निर्णय लेना, कश्मीर से बड़ा कोई निर्णय नहीं हो सकता।’

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