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FATF को गुमराह करने के लिए अब पाकिस्तान ने चली ये नई चाल

गुजरांवाला/पाकिस्तानः पाकिस्तान ने FATF को गुमराह करने का अब एक नया तरीका ढूंढ लिया हैं। सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान आतंकियाें के खिलाफ फर्जी FIR दर्ज करा रहा हैं। आपको बता दें कि फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की फाइनल मीटिंग अक्टूबर के पहले हफ्ते में हो सकती है और इस दौरान पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालने, रखने या देश को ब्लैकलिस्ट करने पर फैसला होगा। FATF द्वारा प्रतिबंध से बचने के लिए पाक आतंकी संगठनों के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करा रहा है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।

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सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने ऐसे ही एक फर्जी FIR गुजरांवाला पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसमें दावत-वल-इरशाद द्वारा की गई एक लैंड डील के खिलाफ हैं। इस FIR काे इस तरह से बनाया गया हैं, कि आगे चलकर इसकी जांच भी नहीं हाे सकेंगी। इस तरह की प्रॉप्रर्टी का इस्तेमाल कर ये प्रतिबंधित संगठन आतंकियों की फंडिंग के लिए पैसा इकट्ठा करते हैं। बता दें, ये संगठन हाफिज सईद के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही सहायक संगठन है।

दर्ज की गई FIR में इस बात का काेई जिक्र नहीं हैं, कि लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद और चार अन्य अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मलिक जफर इकबाल के पास जमीन कब से थी। FIR में कहा गया हैं, कि ‘प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य, इन लोगों ने आतंकी गतिविधियों के लिए इस संपत्ति का इस्तेमाल किया। इन लोगों ने आतंकी वारदात के लिए फंड जुटाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किया।’

FIR में दावत-उल-इरशाद के नाम का जिक्र है जो जमात-उद-दावा का पुराना नाम है। सूत्राें के अनुसार, एफआईआर में इस बात का भी जिक्र नहीं है कि कैसे आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इस बात से अब ये साफ हाे गया हैं, कि पाकिस्तान सिर्फ दिखावे के लिए फर्जी FIR दर्ज कर रहा हैं।

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