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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस में भरी उड़ान, पाक-चीन के ‘थंडरबर्ड’ से है दमदार

बेंगलुरु. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने गुरुवार सुबह स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas Fighter Aircraft) से उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है. ऐसा पहली बार है जब देश के किसी रक्षामंत्री (Defense Ministe) ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) में उड़ान भरी है.

तीन साल पहले ही वायुसेना में शामिल हुआ तेजस का बहुत जल्द अपग्रेड वजर्न भी आने वाला है. रक्षा अधिकारियों के मुताबिक तेजस भारतीय वायुसेना की 45वीं स्क्वॉड्रन ‘फ्लाइंग ड्रैगर्स’ का हिस्सा है. लड़ाकू विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिजाइन और विकसित किया है. बात दें कि तेजस ने 4 जनवरी 2001 में पहली बार उड़ान भरी थी.

वायुसेना ने दिसंबर 2017 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 83 अप्रेड तेजस जेट बनाने का जिम्मा सौंपा था. इन विमान की अनुमानित लागत 50 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है. रक्षा अनुसंधान और विकास संस्थान (डीआरडीओ) ने इसी साल 21 फरवरी को बेंगलुरु में हुए एयरो शो में इसे फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस जारी किया था. डीआरडीओ के क्लियरेंस के बाद जल्द ही तेजस युद्ध के लिए भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा.

ANI

@ANI

Defence Minister Rajnath Singh flies in Light Combat Aircraft (LCA) Tejas, in Bengaluru.

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तेजस से चीन और पाकिस्तान भी डरते हैं

तेजस को भारत में डिजाइन किया गया है. इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह पाकिस्तान और चीन के संयुक्त प्रयास से बनाए गए थंडरबर्ड से कई गुना ज्यादा दमदार है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब तेजस की प्रदर्शनकी की बात की गई थी उस वक्त पाकिस्तान और चीन ने अपने थंडरबर्ड को हटा लिया था. तेजस को चौथी पीढ़ी का विमान है और इसमें मिग 21 की सभी खामियों को दूर किया गया है.

अटल बिहारी वाजयेपी ने दिया था तेजस नाम
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाए गए इस विमान का आधिकारिक नाम ‘तेजस’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने दिया था. इसे संस्कृत के शब्द से लिया गया है. इसका अर्थ होता है अत्यधिक ताकतवर ऊर्जा. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इसे हल्के युद्धक विमान प्रोजेक्ट के तहत बनाया है.

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