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26/11 हमले के वो 4 हीरो जिनकी बहादुरी से अनजान है देश

आज से ठीक 11 साल पहले मुंबई बम धमाकों और गोलीबारी से दहल गया था। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए इस हमले में 160 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई तो 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। आंतक के इस खूनी खेल का जहां हमारे बहादुर पुलिसकर्मियों ने डटकर सामना किया तो वहीं पुलिस के स्निफर डॉग्स ने भी वफादारी की मिसाल कायम की। मुंबई हमले के दौरान सुल्तान, मैक्स, टाइगर और सीजर नाम के यह स्निफर डॉग्स कई लोगों को मौत के मुंह से खींच लाए। आईए जानिए इनकी बहादुरी के किस्से।

सीजर
सीजर ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के एक प्लेटफॉर्म पर दो हेंडग्रेनेड करने में मदद की जिसकी वजह से कई लोगों की जानें बची। इसके अलावा ताज होटल से सीजर ने करीब 8 किलो आरडीएक्स बरामद करने में मदद की। सिर्फ मुंबई आतंकी हमला ही नहीं, उसने  2006 में हुए मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में भी काफी मदद की। उसकी वजह से कई जिंदा बम ट्रेस किए गए थे। पुलिस में 2005 से 2013 तक काम कर रिटायरमेंट के बाद सीजर को विरार के एक फार्म में भेजा गया। सीजर ने 14 अक्टूबर, 2016 को अंतिम सांस ली।

मैक्स
सीजर की तरह की मैक्स भी मुंबइ्र हमले हीरो रहा। इस दौरान उसने 25 ग्रेनेड, 8 किलो आरडीएक्स, 4 डेटोनेटर और बॉल बियरिग्स बरामद करने में मदद की। मुंबई अटैक के दौरान अदम्य साहस और दिलेरी के लिए मैक्स को गोल्ड मेडल भी दिया गया। ये मेडल खुद बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने पहनाया था। मैक्स ने साल 2006 के 7/11 हमले और 2011 के जवेरी बाजार धमाके के दौरान भी विस्फोटक सामग्री का पता लगाने में काफी मदद की थी। मुंबई पुलिस को 10 वर्ष की सेवा देने के बाद मैक्स 2015 में रिटायर हो गया. 8 अप्रैल 2016 को उसकी मौत हो गई।

टाइगर
इस हमले में स्निफर डॉग टाइगर ने विस्फोटक सामग्री का पता लगाने में मदद की थी। हमले के बाद भी वह कई दिनों तक होटल ताज के बाहर ड्यूटी पर तैनात था। मई 2015 में वह सेवानिवृत्त हुआ।  फेफड़ों में इन्फेक्शन के चलते 2016 जुलाई में उसकी मौत हो गई।

सुल्तान
टाइगर के बचपन के दोस्त सुल्तान ने भी बीडीडीएस के लिए काम किया। जांच में गुनहगारों तक पहुंचने में सुल्तान ने कई अहम सुराग दिलवाए। किडनी की बीमारी के चलते 18 जून 2016 में सुल्तान की मौत हो गई।

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