ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ...
राजस्थान

घूस मामले में निलंबित ASP दिव्या मित्तल को कोर्ट लेकर पहुंची एसओजी

एडिशनल एसपी एसओजी जोधपुर कमल तंवर ने बताया कि दिव्या को एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार किया है। दिव्या ने कर्तव्य पालन में त्रुटि की। इसका फायदा आरोपी को मिला।

दो करोड़ रुपये की घूस मांगने के मामले में आरोपी निलंबित ASP दिव्या मित्तल को रविवार को एसओजी की टीम कोर्ट में लेकर पहुंची। इसके बाद जज के घर ले जाया गया। एसओजी ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी। हालांकि तीन दिन की रिमांड दी गई। चार अप्रैल तक होगी रिमांड की अवधि।

एडिशनल एसपी एसओजी जोधपुर कमल तंवर मित्तल को जज के घर लेकर पहुंचे। दिव्या को लोहाखान सिविल लाइंस स्थित जज गौरव गर्वा के निवास पर पेश किया। एडिशनल एसपी कमल तंवर ने बताया कि पुलिस अधिकारी को निर्धारित कर्तव्यों का पालन करना होता है, लेकिन दिव्या ने कर्तव्य पालन में त्रुटि की। इसका फायदा आरोपी को मिला।

निलंबित ASP दिव्या को एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि रामगंज थाने में दर्ज मामले में आरोपी सुनील नंदवानी को गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया, जबकि वह पूछताछ के दौरान कस्टडी में था। प्रकरण सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जहां से उसे जमानत मिली। इसी तरह प्रकरण संख्या 183 में भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

 

Related Articles

Back to top button