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आलोचना पर झल्लाए पाकिस्तानी कोच मिस्बाह बोले- मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है

कराची। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक इस वक्त टीम के कोच और चयनकर्ता की दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम को टेस्ट सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद उनकी लगातार आलोचना की जा रही है। आलोचना से तंग आकर मिस्बाह ने कहा है कि मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जो तुरंत ही टीम की तकदीर बदल दे।

मिस्बाह का कहना था अगर टीम ने अगले कुछ महीने में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो फिर वो अपना पद छोड़ने को तैयार हैं लेकिन एकदम से कुछ भी नहीं होने वाला। उनका कहना था कि वह टीम को रातों रात जादू की छड़ी घुमाकर टॉप पर नहीं पहुंचा सकते हैं

पूर्व कप्तान मिस्बाह लाहौर में जब श्रीलंका के खिलाफ जब 16 सदस्यीय टीम का ऐलान करने करते मीडिया से बात की थी। पाकिस्तानी कोच से जब ऑस्ट्रेलिया में टीम के खराब प्रदर्शन पर सवाल किया गया वो गुस्सा हो गए। हाव भाव से भले ही उन्होंने जाहिर नहीं होने दिया लेकिन जवाब से पता चल रहा था।

सवाल के जवाब में मिस्बाह ने कहा, आप क्या चाहते हैं। आपको यह बात समझनी पड़ेगी कि मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जिसे घुमाते ही मैं पलभर में सबकुछ ठीक कर दूंगा। खिलाड़ियों को एक प्रक्रिया से गुजरना होगा उसके बाद ही वो अपनी जगह पर स्थिर होकर अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।

मुझे यहां बैठकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऐसे प्रदर्शन को देखने की कोई अच्छा नहीं है। जी हां, यह किसी को भी पसंद नहीं है, मुझे लगता है मेरी जगह कोई और इस काम को कर रहा होता। लेकिन मैं बेहद ही ईमानदार आदमी हूं, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहा हूं। टीम को दोबारा से बनाने में वक्त लगता है।

मिस्बाह को जब पूछा गया कि आलोचना सुनने पर उनको कैसा लगता है तो उन्होंने मैं इसे रोक नहीं सकता हूं। मिस्बाह का कहना था, मैं किसी को कुछ कहने से रोक नहीं सकता हूं लेकिन मेरे लिए यह बहुत ही साधाराण की बात है कि जो भी दिल में है वही बोलता हूं।

मिस्बाह का कहना था कि लोगों के कुछ कहने की वजह से उनपर कोई दबाव नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा, टीम के लिए दोहरी भूमिका अदा करने की वजह से लोगों की कुछ भी कहने से मेरे उपर कोई दबाव नहीं पड़ने वाला। मेरे हिसाब से तो वो लोग अपनी उर्जा बर्बाद कर रहे हैं…जो मेरी आलोचना करते हैं…दरअसल वो चाहते हैं कि यह जगह खाली हो जाए।

टीम के साथ अपनी दोहरी भूमिका पर मिस्बाह ने कहा, मुख्य चयनकर्ता होने के बाद भी मैं बाकी चयनकर्ता और छह प्रांतों के कोच से संपर्क में रहता हूं। इस टीम को फाइनल करने से पहले भी सभी के साथ बात हुई। मुझे वन मैन शो में भरोसा नहीं है। मैं अपने इरादों को लेकर बिल्कुल ईमानदार हूं और मैं जानता हूं टीम के बनाने वक्त लगता है खासकर जब कि युवा भी मौजूद हों।

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