ब्रेकिंग
दिव्यांग विवाह समारोह में व्हील चेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से बंद हुई सुरंग… अंदर फंस गए 19 मजदूर, अब तक 8 को बचाया केंद्र सरकार राज्य के सभी 60,000 करोड़ रुपये के फंड जारी करे : भगवंत मान ने प्रधानमंत्री से की अपील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 14936 लोगों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह मुंडियां पीएम मोदी ने किया हैदराबाद लिबरेशन डे का जिक्र, बताए निजाम और रजाकरों के अत्याचार महाराष्ट्र मराठा आरक्षण: कल से पानी भी छोड़ देंगे मनोज जरांगे पाटिल, समर्थकों से बोले- किसी से रेनको... दिल्ली: ‘साबुन, ऑल आउट, स्प्रे…’ फैक्ट्री में बन रहे थे नकली प्रोडक्ट, इन्हें मिला था सप्लाई का जिम्... लखनऊ: धमाके से आधा मकान तबाह, हर तरफ धुआं और लपटें…जिंदा जल गया फैक्ट्री मालिक आलम का परिवार; बेहटा ... दो ब्रेन सर्जरी के बाद भी सद्गुरु ने बाइक से पूरी की कैलाश यात्रा, 18 हजार फीट ऊंचाई तक गए, बताई योग... ओडिशा में 1,396 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने पोर्श, बीएमडब्ल्यू और आभूषण जब्त किए
मध्यप्रदेश

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, शादी करने का झांसा देकर ले गया था युवक

आरोपित पर अर्थदंड भी

न्यायालय अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश सौंसर द्वारा थाना बिछुआ के प्रकरण में दोषी रामजी सलामे पिता अमीर चंद सलामे (23) निवासी ग्राम डोलापांजरा थाना बिछुआ को धारा- 363 में 4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रुपये अर्थदंड, धारा- 366 में 6 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रुपये अर्थदंड एवं पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष की अवधि का सश्रम कारावास एवं 5000/-रू का अर्थदंड से दंडित किया गया।

अभियोजन की ओर से गोपाल कृष्ण हलदार डीडीपी एवं समीर पाठक डीपीओ के मार्गदर्शन में अखिल कुमार कुशराम विशेष लोक अभियोजक द्वारा सशक्त पैरवी की गई ।

यह था मामला

विशेष लोक अभियोजक अखिल कुशराम ने बताया कि बीते 14 सितंबर 2021 को रात में आरोपित रामजी ने अपने मोबाईल से अभियोक्त्री के मोबाइल नंबर पर फोन करके शादी करने का झांसा देकर साथ में चलने का बोला और बहला फुसलाकर उसे खमरा-नागपुर और सूरत ले गया और अभियोक्त्री को शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म की वारदात की।

थाना बिछुआ में अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में उपनिरीक्षक पूनम उइके, उपनिरीक्षक महेंद्र मिश्रा द्वारा विवेचना की गई एवं विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, प्रस्तुत तर्को एवं न्यायदृष्टांत से सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपित को दोषसिद्ध पाते हुए दंडित किया गया ।

Related Articles

Back to top button