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कड़ाके की ठंड में SC के बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं, आज CAA पर होनी है सुनवाई

नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (NRC) और एनपीआर के विरोध में मंगलवार देर रात कुछ महिलाएं सुप्रीम कोर्ट के सामने धरने पर बैठ गई हैं। महिलाएं अदालत के बाहर मौन प्रदर्शन कर रही हैं। इस बीच, सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। महिलाओं के हाथ में CAA, एनआरसी के विरोध में पोस्टर्स भी हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट आज नागरिकता संशोधन के विरोध और समर्थन वाली 140 याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर तथा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने केंद्र को विभिन्न याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था और पीठ संभवत: 132 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और कांग्रेस नेता जयराम रमेश की याचिकाएं भी शामिल हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 दिसंबर को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को मंजूरी दी थी जिससे यह कानून बन गया था।

उपराज्यपाल ने प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं से आंदोलन वापस लेने की अपील की। बैजल ने शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल से सात सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल से राजनिवास में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के कारण दक्षिणी दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पिछले एक महीने से अधिक समय में आवागमन बंद है जिसके कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बैजल ने लोगों से आग्रह किया कि लोगों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रदर्शन को समाप्त कर लें। इस मुलाकात के दौरान प्रदर्शनकारी इस बात पर सहमत हो गये हैं कि स्कूली बसों को गुजरने का रास्ता दिया जाएगा। एंबुलेंस आने जाने के लिए पहले से ही रास्ता दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल तासीर अहमद ने यूनीवार्ता को बताया कि प्रतिनिधिमंडल में दबंग दादियों के नाम से मशहूर बिलकिश, सरवरी और नूर उन निशा के अलावा अमीरा, सोबराब और मुकेश सैनी ने बैजल से मुलाकात की है। इसमें से एक महिला की उम्र नब्बे साल है।

अहमद ने बताया कि सीएए के खिलाफ कल उच्चतम न्यायालय में सुनवायी है। न्यायालय के फैसले के बाद आगे की कार्य योजना तैयार की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने सीएए वापस लेने और एनआरसी नहीं कराये जाने की मांग से संबंधित एक ज्ञापन बैजल को सौंपा है। इस दौरान दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव, दक्षिण पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में दिन-रात प्रदर्शन चल रहा है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। प्रदर्शन के चलते मथुरा रोड को नोएडा से जोड़ने वाली कालिंदी कुंज मार्ग बंद है जिससे आसपास के लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तथा मथुरा रोड पर दिनभर जाम लगा रहता है।

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