ब्रेकिंग
Girija Raut Case: बहू ने विनायक राउत के परिवार पर लगाए सनसनीखेज आरोप, तांत्रिक फिरोज शेख गिरफ्तार ट्विशा शर्मा केस: एम्स दिल्ली की फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, गर्दन के निशानों से मेल खाती है 'ज... Political News: मंत्री और मुख्यमंत्रियों के लिए सख्त कानून की तैयारी, 30 दिन जेल का मतलब कुर्सी से छ... Uttarakhand Weather Update: पहाड़ों पर 'आसमानी आफत', भूस्खलन के कारण फंसे पर्यटक; जानें क्या है स्थि... शहडोल हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, 3 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर दतिया में भाजपा की मुसीबत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे विरोध और डैमेज कंट्रोल की रणनीति इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026': सीएम मोहन यादव बोले- वर्ष 2027 होगा युवा शक्ति को समर... बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से शांति की अपील, कहा- 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि' Vietnam Boat Accident: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा, बचाव अभियान जारी
विदेश

ब्रिटेन में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू

लंदनः द व‌र्ल्ड बलोच ऑर्गनाइजेशन और बलोच रिपब्लिकन पार्टी ने ब्रिटेन में पाकिस्तान में अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गो पर हो रहे अत्याचारों से अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। ये संगठन पाकिस्तान में बलोच, सिंधी, पश्तून, मुहाजिर और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक के साथ मानवाधिकारों उल्लंघन के भयावह मामलों से ब्रिटिश जनता को अवगत करा रहे हैं। इनकी कोशिश पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की है जिससे वह अपनी हरकतों से बाज आए।

संगठनों के अनुसार जन जागरूकता अभियान में पाकिस्तान में सेना और खुफिया संगठनों द्वारा हजारों लोगों को अगवा करने और उन्हें प्रताडि़त करने की जानकारी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रताड़ना के दौरान मरने वालों को गुपचुप तरीके से जमीन में दफन कर दिया जाता है। परिजनों को भी उनकी कोई जानकारी नहीं दी जाती। सरकारी एजेंसियों द्वारा पकड़कर ले जाए गए ऐसे हजारों लोग वर्षो बीत जाने के बाद भी घरों को वापस नहीं लौटे।

उनके बारे में पूछे जाने पर सरकारी एजेंसियां कोई जानकारी भी नहीं देतीं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल भी पाकिस्तान में हो रहे इस अत्याचार से वाकिफ है। वह इसे पाकिस्तान सरकार की मारो और दफन करो नीति कहती है। इसके ज्यादातर शिकार कमजोर वर्ग के आंदोलनकारी, शिक्षक, छात्र, चिकित्सक, बुद्धिजीवी और पत्रकार हो रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button