ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
उत्तराखंड

सूख रही नैनी झील, सिर्फ 4.7 फीट रह गया पानी; कैसे बुझेगी नैनीताल वालों की प्यास?

नैनीताल में पर्यटन का सीजन शुरू होने वाला है. इस बीच एक चिंताजनक खबर आई है. नैनीताल की लाइफलाइन मानी जाने वाली नैनी झील का जल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है. इस समय नैनी झील का जलस्तर महज 4.7 फुट तक रह गया है, जो पिछले पांच साल में सबसे कम है. यह स्थिति यहां बर्फबारी में लगातार कमी होने की वजह से है. पिछले साल भी यही स्थिति देखी गई थी, हालांकि मानसून की बारिश ने इस कमी की भरपायी कर दी और झील का जलस्तर बढ़ कर 12 फुट तक पहुंच गया था.

अब दोबारा वही स्थिति बनने की वजह से स्थानीय लोग, जिला प्रशासन और राज्य सरकार चिंता में है. यह चिंता इसलिए भी बड़ी हो जाती है कि यहां पर्यटन का सीजन शुरू होने वाला है. आशंका है कि नैनी झील में पानी कम होने की वजह से पर्यटकों का रुझान कम हो सकता है. इसका सीधा असर यहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि इस साल सदिर्यों में बर्फबारी कम हुई. बल्कि सही मायने में देखा जाए तो महज दो दिन नौ दिसंबर और 12 जनवरी को ही बर्फबारी हुई थी.

पिछले साल मानसून में भरी थी झील

इसकी वजह से नैनी झील की कोख पिछले साल की ही तरह इस बार भी खाली रह गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले साल बर्फबारी नहीं होने की वजह से लोग चिंतित थे, हालांकि उस समय मानसून ने लोगों की चिंता दूर कर दी थी. बल्कि लगातार और खूब बारिश होने की वजह से स्थिति ऐसी बन गई कि झील में 12 फुट से भी अधिक पानी भर गया था. ऐसे हालात में झील का लेबल मेंटेन करने के लिए सिंचाई विभाग को तीन बार झील से पानी बाहर निकालना पड़ा था.

पर्यटन सीजन शुरू होने की वजह से बढ़ी चिंता

नैनी झील के नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश गैड़ा के मुताबिक झील के जल स्तर को लेकर इस बार बड़ी चिंता की स्थिति है. कहा कि झील के जलस्तर में एक तरफ तेजी से गिरावट हो रही है तो दूसरी ओर यहां पर्यटन का सीजन शुरू होने वाला है. हाल फिलहाल में यहां बारिश होने की भी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. ऐसे में आशंका है कि झील में पानी की कमी का असर कहीं पर्यटकों की आवक पर ना पड़ जाए.

Related Articles

Back to top button