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भारतीय टीम के पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा, बोले- मैंने भारत को दिए ये दो महान क्रिकेटर

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने एक बड़ा खुलासा किया है। लंबे समय क्रिकेट खेलने के नाते उनके पास अनुभव था और जब वे टीम इंडिया के चयनकर्ता बने तो उन्होंने टीम के लिए प्रतिभाओं को तलाशना शुरू कर दिया था। इस मामले में दिलीप वेंगसरकर को भारत के सबसे अच्छे चयनकर्ताओं में से एक माना जाता है, जिन्होंने एक दो नहीं कई युवा खिलाड़ियों को पहचाना था जो आज विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं।

बता दें कि दिलीप वेंगसरकर ही एक चयनकर्ता के रूप में ऐसे शख्स थे जिन्होंने पहली बार आयु वर्ग के क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली की प्रतिभा को पहचाना था। इस पूर्व कप्तान के चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर 2006 से 2008 का कार्यकाल आने वाले चयनकर्ताओं के लिए एक पैमाना बना, क्योंकि उनके चयनकर्ता रहते हुए महेंद्र सिंह धौनी कप्तान बने और उन्होंने विराट कोहली का पक्ष लिया।

प्रतिभा परखना मेरा काम था- वेंगसरकर

अब वेंगसरकर ने कहा, “प्रतिभा को परखना मेरा काम था। आप प्रतिभा को परखने में अच्छे हो सकते हैं, लेकिन अगर कोई प्रतिभावान है तो उसे मौका मिलना चाहिए। वेंगसरकर का मानना है कि वह चयनसमिति के अध्यक्ष पद से न्याय करने में इसलिए सफल रहे, क्योंकि वह बीसीसीआइ के प्रतिभा अनुसंधान विकास विभाग (टीआरडीडब्ल्यू) से जुड़े थे जिसने धौनी जैसे क्रिकेटर की प्रतिभा को तलाशा था।” टीआरडीडब्ल्यू हालांकि अब अस्तित्व में नहीं है।

दिलीप वेंगसरकर ने आगे कहा, “टीआरडीडब्ल्यू के अध्यक्ष के तौर पर मैंने जूनियर क्रिकेट में कोहली को कई बार देखा था। इसलिए जब मैं चयन समिति का अध्यक्ष बना, तो हमने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के एक इमर्जिंग टीम के दौरे के लिए चुना। मैं वहां था और जब मैंने उसे बल्लेबाजी करते देखा तो मुझे पता था कि वह क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आप कभी भी इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हो सकते कि किसी खिलाड़ी का करियर कितना लंबा चलेगा।”

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