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छत्तीसगढ़

Janjgir-Champa: उद्योगों पर करोड़ों का जल कर बकाया, जिला पंचायत सदस्य का आरोप- ‘दोषी उद्योगपतियों को मिल रहा बीजेपी नेताओं का संरक्षण’

जांजगीर-चांपा: जिले में संचालित बड़े उद्योगों पर करोड़ों रुपये का जल कर (वॉटर टैक्स) बकाया होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. जल संसाधन विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उद्योगों ने अब तक बकाया राशि जमा नहीं की है. इस मुद्दे पर अब जिला पंचायत के सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.

अधूरी और गलत जानकारी देने का आरोप

जिला पंचायत अध्यक्ष सत्य लता आनंद मिरी ने आरोप लगाया कि सामान्य सभा की बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी न केवल अधूरी थी बल्कि उसमें कई त्रुटियां भी थीं. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पहले भी सही और पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन लगातार तीसरी बार भी वही गलती दोहराई गई.

सदस्यों में बढ़ता आक्रोश

जिला पंचायत के बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के सदस्यों में अधिकारियों के रवैये को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. कांग्रेस समर्थित सदस्य लोकेश राठौर ने कहा कि अधिकारी सामान्य सभा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गलत जानकारी सुधारने में भी कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है.

सरकार बदलने के बाद अधिकारियों पर नियंत्रण कम हो गया है और अगर यही स्थिति बनी रही तो आंदोलन किया जाएगा.- लोकेश राठौर, जिला पंचायत सदस्य

फिर मांगी गई पूरी जानकारी

जिला पंचायत की बैठक में सभी सदस्यों ने जल संसाधन विभाग से उद्योगों पर बकाया राशि और अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत और त्रुटिरहित जानकारी मांगी है. अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगली बैठक में पूरी तैयारी और सही आंकड़ों के साथ अधिकारी उपस्थित हों.

जिले में कई बड़े उद्योग, फिर भी वसूली ढीली

जिले में स्टील इंडस्ट्री, पावर प्लांट और कोल वॉशरी जैसे कई बड़े उद्योग संचालित हैं. इन उद्योगों को महानदी और हसदेव नदी से पानी की सप्लाई दी जाती है, जिसके बदले उन्हें जल कर देना होता है. विभागीय जानकारी के अनुसार, केवल 6 उद्योगों ने ही पूरा भुगतान किया है, जबकि दर्जन भर से अधिक उद्योगों पर करोड़ों रुपये बकाया हैं. हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई गई है.

बड़ा खुलासा होने की आशंका

अब जिला पंचायत के सदस्य इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं. उनका कहना है कि सही जानकारी सामने आने पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है.

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