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Mitron App: जिस एप्प को समझ रहे थे मेड इन इंडिया वह निकली मेड इन पाकिस्तान!

भारत में टिकटॉक के खिलाफ बवाल काफी समय से चल रहा था, जिसके बाद लोगों ने इस चीनी एप्प को डिलीट करना शुरू कर दिया था और इसी बीच एक वायरल एप्प जिसका नाम Mitron हैं उसे डाउनलोड करना शुरू कर दिया। Mitron एप्प को मेड इन इंडिया के नाम पर खूब प्रसारित किया गया और देखते-देखते 50 लाख से भी अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस मित्रों एप्प को आप मेड इन इंडिया मानकर डाउनलोड कर रहे हैं, वह वास्तव में इंडिया की है ही नहीं।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक Mitron App एप्प को पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर डिवेल्पर कंपनी Qboxus से खरीदा गया है, लेकिन जो दावा किया जा रहा था वह था कि इस एप्प को आईआईटी, रुड़की के एक छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया है। आपको बता दें कि मित्रों एप्प का असली नाम TicTic एप्प है जिसे पाकिस्तान के इरफान शेख की कंपनी Qboxus ने तैयार किया है।

इतने रुपये में बेचा गया एप्प का सोर्स कोड

इरफान शेख ने इस एप्प के सोर्स कोड को 34 डॉलर्स यानी करीब 2,500 रुपये में बेचा था। शेख ने बताया कि उनकी कंपनी सोर्स कोड बेचती है जिसके बाद खरीदार उसे कस्टमाइज करते हैं। उनका मुख्य बिजनस है मशहूर एप्स के क्लोन बनाकर उन्हें सस्ते दामों में बेचना। वे उन छोटे स्टार्टअप्स की मदद करते हैं जिनके पास कम बजट है। अभी तक वे टिकटिक एप्प की 277 कॉपी बेच चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमें इस बात से कोई परेशानी नहीं होती है कि डिवेलपर ने क्या किया है। वे स्क्रिप्ट का पैसा देते हैं और इस्तेमाल करते हैं, ऐसा करना ठीक है।

टिकटिक की जगह रख दिया गया मित्रों नाम

इरफान शेख ने कहा है कि लोग इसे भारत का तैयार किया गया एप्प बता रहे हैं लेकिन यह सच नहीं है खासतौर पर तब जबकि उन्होंने इस एप्प में कोई बदलाव ही नहीं किया है। शेख का कहना है कि टिकटिक के एक खरीदार ने मित्रों एप्प को बस रीब्रैंड कर दिया है। आप अपनी टेक्निकल टीम से दोनों एप्स डाउनलोड करने को कहकर इन्हें टेस्ट भी कर सकते हैं। अब समस्या यह नहीं है कि डिवेल्पर पाकिस्तान से है, समस्या यह है कि इस एप्प को मेड इन इंडिया के नाम पर प्रचार किया गया है। इस पाकिस्तानी टिकटिक एप्प में कोई बदलाव ही नहीं किया गया। सिर्फ टिकटिक का नाम मित्रों रख दिया गया है।

प्राइवेसी पॉलिसी पर शो हो रहा ब्लैंक लिंक

अगर आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर मित्रों एप्प की प्राइवेसी पॉलिसी पर क्लिक करेंगे तो आपको shopkiller.in लिंक पर पहुंचा दिया जाएगा लेकिन यह लिंक ब्लैंक है। इसका मतलब यह है कि मित्रों एप्प की कोई प्राइवेसी पॉलिसी है ही नहीं। मित्रों एप्प को भारत में किसने खरीदा और किसने गूगल प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया है, यह अभी भी एक राज ही है

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