Punjab District Administration News: डीसी हिमांशु जैन का कड़ा फरमान, बिना नंबर प्लेट टिप्पर मिलने पर अब जेई पर गिरेगी गाज

लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना तथा इसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अवैध खनन, वाहनों की ओवरलोडिंग और रेत-बजरी की ढुलाई के दौरान नियमों की हो रही लगातार अनदेखी पर प्रभावी लगाम लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अब बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु जैन की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि अब खनन विभाग द्वारा औपचारिक रूप से ‘कम्प्लायंस सर्टिफिकेट’ (Compliance Certificate) जारी किए जाने के पश्चात ही जिले की किसी भी माइनिंग साइट पर खनन कार्य संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी ठेकेदार इन नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे तथा इस मामले में जो भी सरकारी अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कम्प्लायंस सर्टिफिकेट की अनिवार्यता, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों की पालना न करने पर होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक के दौरान डीसी हिमांशु जैन ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के भीतर किसी भी माइनिंग साइट को तब तक संचालित नहीं होने दिया जाए, जब तक संबंधित विभाग से सुरक्षा और नियमों की पालना का औपचारिक प्रमाण पत्र प्राप्त न हो जाए। इस अनिवार्य प्रमाण पत्र के माध्यम से मुख्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित साइट पर सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों, श्रम कानूनों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से अक्षरशः पालन हो रहा है। स्पष्ट किया गया है कि इस आवश्यक प्रमाण पत्र के अभाव में किसी भी स्थल पर न तो खनन किया जा सकेगा और न ही वहां से किसी प्रकार की खनिज सामग्री का परिवहन या ढुलाई की अनुमति दी जाएगी।
केवल पंजीकृत टिप्परों को ही होगी ढुलाई की अनुमति, बिना नंबर प्लेट वाहन मिलने पर जूनियर इंजीनियर की तय होगी जवाबदेही
खनिज सामग्री की ढुलाई की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बेहद सख्त गाइडलाइंस तय की हैं। माइनिंग साइटों से केवल वही टिप्पर रेत-बजरी या अन्य सामग्री ढो सकेंगे, जो खनन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर विधिवत रूप से रजिस्टर्ड होंगे। इसके अतिरिक्त, इन सभी वाहनों पर स्पष्ट वैध नंबर प्लेट का होना, चालू हालत में जीपीएस (GPS) ट्रैकर का लगा होना तथा उड़ने वाली धूल व सामग्री को रास्ते में गिरने से रोकने के लिए तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य किया गया है। यदि चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट का कोई भी वाहन माइनिंग साइट से बाहर निकलता हुआ पाया जाता है, तो उस साइट पर तैनात संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) की सीधी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, किसी भी वाहन को उसकी पंजीकृत वहन क्षमता से अधिक वजन की तौल पर्ची या फॉर्म-जे जारी नहीं किया जाएगा।
तय रूट पर ही दौड़ेंगे परिवहन वाहन, पिलर लगाकर होगी जीपीएस मैपिंग और लगाना होगा बड़ा डिस्प्ले बोर्ड
खनिज ढुलाई में लगे सभी वाहनों को केवल प्रशासन द्वारा पूर्व-स्वीकृत मार्गों (रूट्स) पर ही चलने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक वाहन की विंडस्क्रीन पर स्वीकृत रूट मैप चस्पा करना अनिवार्य किया गया है, और जिन ग्रामीण लिंक सड़कों का इस्तेमाल परिवहन के लिए किया जाएगा, उसकी पूर्व सूचना संबंधित ग्राम पंचायतों को भी दी जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि खनन कार्य केवल स्वीकृत क्षेत्रफल और निर्धारित गहराई के दायरे में ही किया जाना चाहिए। सभी साइट्स पर स्थायी सीमा पिलर गाड़े जाएंगे और उनके जीपीएस निर्देशांक (GPS coordinates) मैप किए जाएंगे। संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली साइटों पर जाकर इन पिलरों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक खनन साइट पर ठेकेदार का पूरा नाम व विवरण, स्वीकृत रकबा, मंजूरी की समयावधि और काम करने के निर्धारित घंटों की जानकारी प्रदर्शित करने वाला एक बड़ा डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही वैध होगी माइनिंग, रात के समय अवैध गतिविधियों पर रोक के लिए ड्रोन से होगी निगरानी
खनन कार्यों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए डीसी ने निर्देश दिए हैं कि खनन की अनुमति केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय के लिए ही मान्य होगी। सूर्यास्त के बाद केवल लोडेड ट्रकों को ग्रामीण लिंक सड़कों से गुजरते हुए नेशनल या स्टेट हाईवे तक पहुंचने के लिए अधिकतम एक घंटे की छूट दी जाएगी। निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद ग्रामीण लिंक सड़कों पर किसी भी खनन वाहन की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। पुलिस कमिश्नर लुधियाना तथा एसएसपी लुधियाना देहाती व खन्ना को इन तय समय-सीमाओं का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश सौंपे गए हैं। इसके अतिरिक्त, अवैध खनन की वारदातों को रोकने के लिए साइट्स के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा निगरानी के लिए नाइट-विजन ड्रोन (Night-vision drones) तैनात करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन तमाम आदेशों को तत्काल प्रभाव से जमीन पर लागू करने का हुक्म दिया और एक बार फिर दोहराया कि नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।





