ब्रेकिंग
Gwalior Master Plan 2035 Controversy: बिल्डरों और अफसरों की मिलीभगत पर शासन की मुहर, टीएंडसीपी आयुक्... IMD Weather Forecast: यूपी, बिहार और राजस्थान समेत इन राज्यों में झमाझम बारिश, 70 किमी की रफ्तार से ... Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर...
देश

NSA अजीत डोभाल ने पैतृक गांव में की पूजा, मंदिर में चढ़ाई डेढ़ लाख की भेंट

पौड़ी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अपने पैतृक गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कुलदेवी की पूजा-अर्चना की। साथ ही मंदिर समिति को डेढ़ लाख रुपेय भी दान किए। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल दमऊ के साथ उनका स्वागत किया।

शुक्रवार शाम डोभाल अचानक अपनी पत्नी और बेटे के साथ पौड़ी जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस पहुंचे। शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पैतृक गांव घीड़ी स्थित बाल कुंवारी मंदिर पहुंचे। इस दौरान जब वह सड़क से करीब सौ मीटर तक मंदिर की तरफ चले तो ग्रामीणों ने ढोल दमाऊ से उनसा स्वागत भी किया।

उन्होंने करीब एक घंटे तक परिवार के सदस्यों के साथ कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद वह ग्रामीणों से भी मिले और उनके हालचाल भी पूछे। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

निजी कार्यक्रम के चलते उनके पौड़ी जिला मुख्यालय पहुंचने की जानकारी को गोपनीय रखा गया था। गत शाम पौड़ी पहुंचने पर एनएसए का सर्किट हाउस में आयुक्त गढ़वाल डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी धीरज सिंह गर्बयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले शासन काल में पहली बार एनएसए बनने के बाद भी वर्ष 2014 में वे निजी कार्यक्रम पर अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचकर कुलदेवी की पूजा-अर्चना की थी। एनएसए ने तब भी ग्रामीणों से भी मुलाकात की थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button