महाराष्ट्र में सोमवार से खुलेंगे धार्मिक स्थल, स्कूल खोलने पर किया जा रहा विचार

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि राज्य में सभी धार्मिक स्थल सोमवार से भक्तों के लिए फिर से खुलेंगे। मास्क पहनना अनिवार्य होगा। धार्मिक स्थल पर सभी कोरोना वायरस मानदंडों का पालन करना होगा। महाराष्ट्र के मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि फैसला सही समय पर आया है जब कोरोना रोगियों की संख्या कम है। सभी धार्मिक स्थलों के लिए नियम समान होंगे। मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा। शारीरिक दूरी बहुत महत्वपूर्ण है। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल महीनों से बंद हैं। हम उनके फिर से खुलने की अनुमति देने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं।
ज्ञात रहे कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने पिछले रविवार को कहा था कि दीवाली के बाद प्रदेश में स्कूलों और धार्मिक स्थलों को खोला जा सकता है। उद्धव ठाकरे ने कहा था कि राज्य प्रदूषण के कारण कोरेाना वायरस का प्रभाव बढ़ सकता है। उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि इस बार दिवाली पर पटाखे न जलाएं। दिवाली पर मिट्टी के दीपक जलाएं। लोगों को सतर्क रहना रहना होगा, ताकि फिर से लॉकडाउन की जरूरत न पड़े।
महाराष्ट्र सरकार इससे पहले सभी थियेटर, सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स को पचास फीसद क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी है। महाराष्ट्र में पिछले कई महीनों से मंदिर खोलने के मामले को लेकर राजनीति हो चुकी है। यहां तक कि मंदिर खोलने के लिए पुजारियों ने कई बार आंदोलन किया। उनका कहना है कि जब अन्य सारी चीजें खुल सकती हैं तो मंदिरों को खोलने मे क्या परेशानी हो रही है। लंबे समय से मंदिरों के बंद रहने से हमारे सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। महाराष्ट्र भाजपा ने पुजारियों के आंदोलन का समर्थन किया था। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फड़णवीस की पत्नी अमृता फड़णवीस ने मंदिर खोलने को लेकर उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा था।






