ब्रेकिंग
चांदनी चौक की गलियों में एक इमोशनल सफर— 376 साल पुराना इतिहास, यादें और इंसानी रिश्तों की खूबसूरत दा... आज का मौसम: देश के कई राज्यों में बदला मिजाज, दक्षिण में बारिश का दौर जारी— जानिए अपने शहर का हाल मध्य प्रदेश के जबलपुर में धनतेरस की रात दर्दनाक हादसा, गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में भीषण आग से 50 से... रामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव 2026 आज, 35 लाख दीयों और 2100 ड्रोनों के शो से जगमगाएगी राम की पैड... उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में एक कोचिंग सेंटर के अंदर मिला गणित के शिक्षक का सड़ा-गला शव, इलाके म... आंध्र प्रदेश में बड़ा राजनीतिक सदमा, चुनाव परिणाम से ठीक पहले जन सेना पार्टी की युवा प्रत्याशी का हा... जयपुर में बिक रही 1 लाख 23 हजार रुपये किलो वाली शाही मिठाई, सोने के सिक्के जैसी ‘त्योहार अशर्फी’ बनी... नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बनेगा आर्क टाइप फ्लाईओवर, 84 करोड़ की लागत से दूर होगी जाम की समस्... महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरों पर अनिल देशमुख का बड़ा बयान, खारिज ... पाकिस्तान ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को वीजा देने पर कही बड़ी बात, लाहौर में होने वाले सम्मेलन का मा...
मध्यप्रदेश

भोपाल की हवा में दो महीने बाद वायु प्रदूषण का स्तर सबसे निचले स्तर पर

भोपाल। राजधानी भोपाल की हवा में दो महीने बाद वायु प्रदूषण का स्तर सबसे नीचे पहुंचा है। नवंबर और दिसंबर माह में वायु प्रदूषण का स्तर बताने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 से 330 के बीच था। सूचकांक का अधिक स्तर हवा में गंभीर वायु प्रदूषण को दर्शाता है। 31 दिसंबर और एक जनवरी को सूचकांक का स्तर गिरकर 84 से 96 तक आ गया है। यह आम लोगों के लिए अच्छा संकेत हैं। मौसम साफ होन के कारण हवा में वायु प्रदूषण का स्तर गिरा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे मौसम शुष्क होगा और आद्रता कम होगी, वायु प्रदूषण के स्तर में तेजी से सुधार होगा।

बता दें कि भोपाल के कोलार, होशंगाबाद रोड, हमीदिया रोड, भेल, एमपी नगर, टीटी नगर, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्रों में नवंबर 2021 से वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। इन इलाकों में पार्टिकुलेटर मैटर (पीएम) 10 व पीएम 2.5 का स्तर बढ़कर 350 से 400 तक पहुंच गया था। ये धुएं, धूल और विभिन्न् हानिकारक गैसीय अवशेषों के कण होते हैं जो आद्रता व नमी पाकर भारी हो जाते हैं और वातावरण में निचले स्तर पर रहते हैं। इसके कारण वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ठंड में कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब आद्रता और नमी का स्तर बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु गुणवत्ता कार्यक्रम के तहत भोपाल समेत सभी प्रमुख शहरों की हवा को स्वच्छ रखने के लिए केंद्र सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन भोपाल में खास सुधार नहीं आ रहा है।

बीते दो माह में वायु गुणवत्ता सूचकांक का सर्वाधिक स्तर

दिनांक………….सूचकांक

05 नवंबर—–313

09 नवंर—–304

10 नवंबर—–314

14 नवंबर—–312

15 नवंबर—–329

16 नवंबर—–310

18 नवंबर—–304

19 नवंबर—–304

20 नवंबर—–314

02 दिसंबर—-302

03 दिसंबर—-316

06 दिसंबर—-303

28 दिसंबर—-320

बीते दो माह में सबसे निचले स्तर पर सूचकांक

31 दिसंबर—-84

01 जनवरी 2022–96

हर वर्ष ठंड में बढ़ रहा प्रदूषण

हर वर्ष ठंड के दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रदूषण कम करने के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन सुधार नहीं हो रहा है। यह राशि टिकाऊ सड़कें, शहरी सीमा में पेविंग ब्लाक लगाने, वायु प्रदूषण को लेकर लोगों में जन जागरूकता लाने आदि कामों पर खर्च की जा रही है।

Related Articles

Back to top button