ब्रेकिंग
Super El Nino Impact: मई-जून में क्यों उबल रहा है देश? मौसम वैज्ञानिकों ने दी मानसून कमजोर होने और स... RG Kar Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर नगर निगम का बड़ा एक्शन; अवैध घर गिराने का आदेश West Bengal Free Bus Scheme: बंगाल में 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा; इस तरह ... India-Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर अभेद्य सुरक्षा; BSF ने खुले हिस्सों में शुरू किया ब... Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का एलान; 18 जून को वोटिंग, खरगे-... Delhi Riots Case: उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली 3 दिन की अंतरिम जमानत; मां की सर्जरी के लिए र... Mount Everest Tragedy: माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत; नीचे उतरते समय ह... Uttarakhand News: 'सड़कों पर नमाज़ बर्दाश्त नहीं, कानून का राज सर्वोपरि'—सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड... Himachal School Bag Policy: हिमाचल में स्कूली बच्चों को भारी बस्ते से मुक्ति; शारीरिक वजन के 10% से ... Delhi Government: दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक सुधार; ई-टेंडरिंग को डिजिटल बनाने के लिए DeGS और SB...
देश

ओडिशा के स्कूल में बंद रह गया मासूम, प्रिसिंपल सस्पेंड

बालासोर: ओडिशा के बालासोर में पहली क्लास में पढ़नेवाला मासूम स्कूल की छुट्टी के वक्त अपनी टीचर से परमिशन लेकर शौचालय गया। अभी वो शौचालय के अंदर ही था कि स्कूल का कर्मचारी मेन गेट पर ताला लगाकर चला गया और ये मासूम अंदर ही बंद रह गया।

मामला बालासोर स्थित सरकारी महावीर नोडल स्कूल का है। बुधवार, 12 सितंबर को स्कूल के क्लास फर्स्ट में पढ़नेवाला एक बच्चा एक घंटे से ज्यादा वक्त तक स्कूल में अकेले रहा। दरअसल, वो स्कूल की छुट्टी के वक्त शौचालय गया था लेकिन उसी दौरान स्कूल के कर्मचारी ने वहां किसी के होने की जांच किए बिना ही मेन दरवाजा पर ताला लगा दिया। इधर, बच्चे के पिता को उसे लेने के लिए स्कूल पहुंचने में कुछ देर हो गई थी। जिसके बाद अंदर बंद घबराया मासूम गेट के पास आकर रोने लगा।

जब आसपास से गुजर रहे लोगों ने बंद स्कूल के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो पास जाकर पाया कि बच्चा स्कूल में बंद है। जिसके बाद उन लोगों ने बच्चे को चुप कराया और उस कर्मचारी को बुलाया जिसके पास स्कूल की चाबी थी। इधर बच्चे के पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, ‘स्कूल के गेट पर ताला लगाने वाले कर्मी ने यह जांच ही नहीं की कि अंदर कोई है या नहीं। जबकि मेरे बेटे ने शौचालय जाने से पहले टीचर को सूचित किया था।’ वहीं पूरे मामले पर प्रधानाचार्या शांति प्रतिमा महापात्र का कहना है कि स्कूल सड़क के किनारे होने की वजह से वह द्वार पर ताला लगवा देती थीं। हालांकि, मामला उजागर होने पर प्रधानाचार्या को अपने कार्य में कोताही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button