अरुणाचल प्रदेश में कोई चीनी सैनिक नहीं घुसा रिजीजू का कांग्रेस को चैलेंज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज (मंगलवार) लोकसभा में चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हैं। यह कभी भी संख्या के बारे में नहीं था, बल्कि मणिपुर के लिए न्याय के बारे में था। I.N.D.I.A मणिपुर के लिए प्रस्ताव लाया है। मणिपुर न्याय चाहता है। इस चर्चा में राहुल गांधी शामिल होने वाले हैं। तीन दिनों तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 10 अगस्त को प्रधानमंत्री इस चर्चा का जवाब देंगे।
यह अहंकारी सरकार है- डिंपल यादव
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि मणिपुर की घटना बेहद संवेदनशील है। सरकार इस मामले में असंवेदनशील रही है। यह अहंकारी सरकार है। यह मानवाधिकार का उल्लंघन था। हिंसा को अंजाम देने के लिए महिलाओं को साधन के रूप में इस्तेमाल करना संवैधानिक लोकतंत्र में अस्वीकार्य है।
सीएम को इस्तीफा देना चाहिए
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। दंगा, हत्या और रेप के 10 हजार मामले आए हैं। क्या हम इतने असंवेदनशील हो गए हैं।
राहुल गांधी की सजा का उठाया मुद्दा
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मोदी सरनेम टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया और स्थगन आदेश दिया है। सोनिया जी यहां बैठी हैं। मुझे लगता है कि उन्हें दो काम करने होंगे। बेटे को सेट करना और दामाद को भेंट है।
प्रधानमंत्री ने मौन व्रत ले लिया है- गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगई ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में न बोलने का मौन व्रत लिया है। उनकी चुप्पी तोड़ने के लिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। हमारे पास उनके लिए तीन सवाल हैं। 1. वे आज तक मणिपुर क्यों नहीं गए। 2. आखिरकार मणिपुर पर बोलने में 80 दिन क्यों लग गए। 3. प्रधानमंत्री ने अब तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया।’
मणिपुर में उनकी सरकार विफल रही
गौरव गोगोई ने कहा कि पीएम मोदी को स्वीकार करना होगा कि उनकी डबल इंजन सरकार मणिपुर में उनकी विफल हो गई है। इसलिए राज्य में 150 लोगों की मौत हुई, पांच हजार घर जला दिए, 60 हजार लोग राहत शिविरों में हैं और करीब 6,500 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
टीएमसी ब्रायन निलंबित
राज्यसभा में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को राज्यसभा सदस्य के रूप में अशोभनीय अभद्र व्यवहार के लिए मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया।






