ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
हिमाचल प्रदेश

‘मैं कुरान की कसम खाता हूं…’ गठबंधन को लेकर बीजेपी नेता के बड़े दावे पर CM उमर अब्दुल्ला का दो टूक जवाब, सियासत में हड़कंप

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को बीजेपी की तरफ से लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया. बीजेपी ने उनपर आरोप लगाए थे कि 2024 में राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र में बीजेपी के साथ सीएम उमर अब्दुल्ला ने गठबंधन की मांग की थी. सीएम ने रविवार को विपक्षी नेता सुनील शर्मा की बयानबाजी पर सीधा जवाब दिया और उनपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए शेयर किया.

उन्होंंने कहा कि मैं पवित्र कुरान की कसम खाता हूं कि मैंने 2024 में राज्य का दर्जा पाने या किसी दूसरे कारण से बीजेपी के साथ गठबंधन की मांग नहीं की. सुनील शर्मा की तरह मैं जीविका चलाने के लिए झूठ नहीं बोलता.

कुरान की कसम खाने की चुनौती दी

सुनील शर्मा ने दावा किया था कि 2024 में अब्दुल्ला फिर दिल्ली गए और राज्य का दर्जा बहाल होने पर बीजेपी के साथ सरकार बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनकी पेशकश ठुकरा दी गई. सुनील शर्मा ने अब्दुल्ला को कुरान की कसम खाकर यह चुनौती दी कि वह सरकार बनाने के लिए दिल्ली नहीं गए हैं. उन्होंने कहा कि वो ऐसा नहीं करेंगे लेकिन, आप जहां चाहें, हम शपथ लेकर कहने को तैयार हैं.

सुनील शर्मा ने पहले भी कहा था कि अब्दुल्ला ने 2014 में विधानसभा चुनावों में त्रिशंकु जनादेश आने के बाद भी इसी तरह की पहल की थी.अब्दुल्ला ने हाल ही में केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा है कि जम्मू-कश्मीर में केवल उनकी नेशनल कॉन्फ्रेंस ही बीजेपी से लड़ रही है.

बडगाम में एक रैली में सुनील शर्मा ने अब्दुल्ला को सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि करने की चुनौती दी थी कि दिल्ली के साथ कोई अघोषित समझौता नहीं हुआ है. सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने ऐसे अवसरवादी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था.

Related Articles

Back to top button