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Haryana Farmer News: कुदरत की मार! हरियाणा में ओलावृष्टि ने उजाड़े किसानों के सपने, सिरसा में गेहूं-सरसों की फसल तबाह

सिरसा: सिरसा जिले में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. जिले के कई गांवों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है. खेतों में पानी भरने और तेज ओलों की मार से फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है. इस आपदा के बाद किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगा रहे हैं.

15 से 20 गांवों में फसल को भारी नुकसान: किसानों की मानें तो सिरसा जिले के लगभग 15 से 20 गांवों में गेहूं की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है. कई स्थानों पर खेतों में जलभराव हो गया है, जिससे खड़ी फसल सड़ने लगी है. किसानों का कहना है कि इस बार मौसम ने पूरी तरह से उनका साथ छोड़ दिया है और उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई है. प्रभावित क्षेत्रों में हालात ऐसे हैं कि किसान अब अपने नुकसान की भरपाई को लेकर चिंतित हैं.

किसानों ने जताई चिंता: किसान नेता लखविंदर सिंह औलख और किसान हरदीप सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. लखविंदर औलख ने कहा कि, “ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और किसान पूरी तरह टूट चुके हैं.” वहीं, किसान हरदीप सिंह ने कहा कि, “कई खेतों में पानी भर गया है और फसल गिरकर खराब हो गई है. इससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है. अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो उनकी स्थिति और भी खराब हो सकती है.”

स्पेशल गिरदावरी की मांग तेज: किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके. लखविंदर औलख ने कहा कि, “सरकार को निष्पक्ष मुआयना कराकर किसानों को उनका उचित हक दिलाना चाहिए. फसल बीमा योजना के तहत जल्द से जल्द क्लेम जारी किया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके.” किसानों का मानना है कि बिना सही सर्वे के उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल पाएगा.

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना: इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और राहत कार्यों में देरी कर रही है.

पंजाब के किसानों की स्थिति पर भी चिंता: किसान नेताओं ने पंजाब के किसानों की हालत पर भी चिंता जताई. लखविंदर औलख ने कहा कि, “देश में सबसे ज्यादा खराब हालात पंजाब के किसानों के हैं.” उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि, “मुख्यमंत्री किसानों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और उनकी भाषा भी कई बार अशोभनीय रही है.” वहीं, किसान हरदीप सिंह ने भी कहा कि, “किसानों की समस्याओं की अनदेखी लंबे समय तक नहीं चल सकती. आने वाले समय में किसान अपनी नाराजगी जरूर जाहिर करेंगे.”

मुआवजे की उम्मीद में किसान: फिलहाल सिरसा के किसान सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही स्पेशल गिरदावरी करवाई जाएगी और फसल बीमा के तहत मुआवजा मिलेगा. लेकिन जब तक राहत नहीं मिलती, तब तक किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है.

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